आने वाले 5 साल में हर इंसान के पास होगा अपना AI साथी, Microsoft का बड़ा दावा; जानिए क्या होगा नया?

Microsoft AI चीफ Mustafa Suleyman का दावा है कि अगले 5 सालों में हर व्यक्ति के पास अपना पर्सनल AI दोस्त होगा। यह AI यूजर की आदतों, पसंद और भावनाओं को समझकर दैनिक जीवन में मदद करेगा।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 17 January 2026, 2:31 PM IST

New Delhi: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ दफ्तरों, फैक्ट्रियों या मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है। यह हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में तेजी से प्रवेश कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसे और भी अधिक निजी और इंसान-केंद्रित बनाने की योजना है। Microsoft AI के CEO और जाने-माने AI विशेषज्ञ Mustafa Suleyman का मानना है कि अगले पांच सालों में हर व्यक्ति के पास अपना एक निजी AI कंपैनियन होगा जो उसे बेहद करीब से समझेगा।

AI यूजर को इंसान की तरह समझेगा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए एक वीडियो में Suleyman ने बताया कि भविष्य का AI सिर्फ कमांड मानने वाली मशीन नहीं होगा। बल्कि यह यूजर की पसंद, आदतों और सोच को समझेगा। उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है, वही सुनेगा जो यूजर सुनता है और परिस्थितियों को उसी नजरिए से समझेगा।

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Suleyman ने कहा कि यह AI ऐसा महसूस होगा जैसे हमेशा साथ रहने वाला कोई दोस्त या सहायक हो, जो ज़िंदगी के बड़े फैसलों और चुनौतियों में मदद करता रहेगा। इसे यूजर की भावनाओं, आदतों और रोजमर्रा की प्राथमिकताओं को समझने के लिए डिजाइन किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसे भविष्य की क्रांति बताया तो कुछ ने इसे जरूरत से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया दावा कहा। एक यूजर ने कहा कि वह ऐसा AI नहीं चाहता जो सीमाओं में बंधा हो, बल्कि ऐसा सिस्टम चाहिए जो खुलकर संवाद कर सके। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि अगर इसमें पांच साल लगेंगे तो प्रगति की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। कई यूजर्स को यह बदलाव इससे भी पहले आता दिखाई दे रहा है।

प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)

Pi चैटबॉट से जुड़ा अनुभव

Microsoft में शामिल होने से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह-स्थापना की थी, जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट तैयार किया था। Pi को एक भावनात्मक रूप से समझदार AI के रूप में पेश किया गया था, जिसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था।

Pi ChatGPT जैसे अन्य AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था। Pi ने कुछ ही समय में लाखों डेली एक्टिव यूजर्स बना लिए थे। हालांकि 2024 में इसकी टीम का बड़ा हिस्सा Microsoft में शामिल हो गया और Suleyman ने इसे और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में काम शुरू किया।

इंसान-केंद्रित AI पर Suleyman की सोच

Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत कर रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे। उनका मानना है कि भविष्य में बनने वाली सुपर-एडवांस्ड AI तकनीक पूरी तरह मानव मूल्यों और नैतिक मानदंडों के अनुरूप होनी चाहिए। उनका कहना है कि AI को आज़ादी देने से पहले उसमें सही सीमाएं और नियंत्रण तय करना बेहद जरूरी है, ताकि यह इंसानों का भरोसेमंद साथी बन सके।

Suleyman के अनुसार, भविष्य का AI न केवल तकनीकी समस्याओं को हल करेगा, बल्कि यह हमारी भावनाओं और व्यक्तिगत जीवन के निर्णयों में भी मदद करेगा। वह इसे "एक निजी दोस्त और सलाहकार" के रूप में देखते हैं, जो यूजर की दिनचर्या, पसंद और भावनाओं को समझकर उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।

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भविष्य में बदलती दुनिया

Suleyman का दावा है कि आने वाले पांच वर्षों में AI हमारी जिंदगी में इतना गहराई तक प्रवेश करेगा कि हर व्यक्ति के पास अपना पर्सनल AI दोस्त होगा। यह केवल तकनीकी उपकरण नहीं होगा, बल्कि एक भरोसेमंद साथी की तरह हमारी सोच और फैसलों में मार्गदर्शन देगा।

इससे न केवल रोजमर्रा की जीवन शैली बदलने की उम्मीद है, बल्कि व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी AI का असर और बढ़ेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि AI के इस मानव-केंद्रित विकास से भविष्य में इंसानों और मशीनों के बीच संबंध और भी व्यक्तिगत और संवादात्मक बन जाएंगे।

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  • New Delhi

Published : 
  • 17 January 2026, 2:31 PM IST