
नई दिल्लीः कैंसर, अल्जाइमर जैसी कई बीमारी होने से पहले ही अब पता लग सकेगा।, ट्रेन एवं प्लेन में भी हो सकेंगे इमरजेंसी टेस्ट। ऐसे इनोवेशन करने वाले 15 स्टार्टअप्स को मिली 5 करोड़ रुपए की फंडिंग।
डाइनामाइट न्यूज़ बता रहा है, किस किस क्षेत्र में हुई फडिंग।
- आईआईटी इंदौर में बन रहा है नया हेल्थ प्लेटफॉर्म चरक डीटी
- आईआईटी के 15 स्टार्टअप्स को मिली फंडिंग
- 15 स्टार्टअप्स को मिली 5 करोड़ रु की राशि
- दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और सांसद लालवानी ने सौंपे पत्र
- 15 इनोवेटिव स्टार्टअप्स को चुना गया
पैरालिसिस, उम्र या अन्य किसी कारण से चलने-फिरने में असमर्थ लोग भी चल सकेंगे। ये अनोखा वियरेबल सॉल्यूशन एक स्टार्टअप नोवा वॉक ने बनाया है जिसे आईआईटी इंदौर ने इनक्यूबेट किया है। साथ ही, किसी भी भाषा में डॉक्टर से बात करने के लिए एआई बेस्ड सॉल्यूशन भी बनाया गया है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड रोबोट की मदद से सोनोग्राफी करना आसान हो गया है। इसके अलावा एक सुटकेस में आ जाबे वाली पोर्टेबल ब्लड टेस्टिंग यूनिट भी अब मौजूद है।
दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में ऐसे 15 स्टार्टअप को फंडिंग दी गई जो हेल्थ केयर सेक्टर में अनूठे प्रयास कर रहे हैं। साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री जितेंद्र सिंह एवं इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने एक कार्यक्रम में स्टार्टअप्स को फंडिंग का लेटर दिया। 15 स्टार्टअप्स को 5 करोड़ रु की फंडिंग दी गई है और ये राशि प्रत्येक स्टार्टअप के लिए बढ़ाकर 1 करोड़ रु की जा सकती है।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के मुताबिक, इन 15 कुछ स्टार्टअप आईआईटी के प्रोफेसर्स ने शुरू किए हैं तो कुछ भोपाल एम्स के डॉक्टर्स ने बनाए है वहीं कुछ स्टार्टअप्स डॉक्टर और इंजीनियर्स ने मिलकर बनाए हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा की अब डॉक्टर्स, इंजीनियर का काम कर रहे हैं और कई इंजीनियर, डॉक्टर के मेडिकल क्षेत्र में काम कर रहे हैं टेक्नोलॉजी की मदद से यह संभव हुआ है और नई शिक्षा नीति 2020 के कारण बहुत जल्द छात्र विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकेंगे।
वहीं इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का धन्यवाद करते हुए कहा कि आईआईटी इंदौर ने ऐसे स्टार्टअप्स की मदद की है जो हेल्थ केयर के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम कर रहे हैं।
आज से 10-20 साल पहले जिन बीमारियों का इलाज असंभव लगता था वह आज स्टार्टअप्स ने संभव कर दिखाया है। इन स्टार्टअप्स की मदद से ग्रामीण क्षेत्र में भी उच्च स्तरीय हेल्थ केयर सुविधा पहुंचना संभव है।
इस अवसर पर डिपार्मेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सेक्रेटरी अभय करंदीकर, आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर सुहास जोशी, साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाले डिपार्मेंट आफ फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी की हेड डॉ एकता कपूर मौजूद थे।
Published : 3 March 2025, 8:14 PM IST
Topics : Emergency Tests Funding IIT IIT Indore Trains and Planes