यूपी के हाल: गरीबों को आवास नहीं, टूटे घरों में कट रही गरीब परिवारों की जिंदगी

जहां एक तरफ सरकार गरीबों को नए घर देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ टूटे घरों में किस कदर कट रही हैं गरीब परिवारों की जिंदगी। पक्के घर के लिए भटक रहे परिवार की सुनने वाला कोई नहीं है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर..

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 24 October 2019, 3:39 PM IST

महराजगंज: ग्राम परासखांड के टोला सिरसागढ़ में दो परिवार गरीबी से इस कदर जूझ रहे है कि उनके पास आधारभूत सेवाएं भी नहीं है। जहां एक तरफ सरकार गरीबों को नए घर देने के दावे कर रही है और स्वच्छ भारत मिशन का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ टूटे घरों में बेकदरी से कट रही हैं  गरीब परिवारों की जिंदगी। 

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम परास खांड के टोला सिरसागढ़ में शकील और रुकसाना दो परिवार हैं। इन्होनें कई बार ग्राम प्रधान को अपना दर्द सुनाया। लेकिन ग्राम प्रधान के कानो में एक नहीं सुनी। यह दोनो परिवार अभी भी शौचालय और आवास के लिए अभी तक भटक रहै हैं। मजबूरन दोनों परिवारों के सदस्यों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है।

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वोट लेने के समय ग्राम प्रधान एक एक लोगों को खोजते रहते हैं। ग्राम प्रधान चुनाव जीतने के बाद उसी गरीब जनता को इस कदर भुल जाते हैं। की उन्हें अपने वादे याद नही रहते । भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जहां एक ओर स्वच्छता के संदेश दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार इस अभियान का पलीता लगा रहे हैं। 

Published : 
  • 24 October 2019, 3:39 PM IST