
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा आयोजित दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में एक बड़ी चुनौती सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी लखनऊ में स्थित विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों पर 85 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन मूल्यांकन में शामिल होने वाले शिक्षकों में से 50 प्रतिशत ने ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, इस बार यूपी बोर्ड ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि उत्तर पुस्तिकाओं का त्रुटि रहित मूल्यांकन किया जाए, ताकि समय पर परिणाम घोषित किए जा सकें। इसके लिए शिक्षकों को मूल्यांकन से पूर्व विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। हालांकि, मंगलवार को आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए जो शिक्षकों को ड्यूटी पर आना था, उनमें से आधे शिक्षक अनुपस्थित रहे है। अनुपस्थित शिक्षकों में अधिकतर संख्या एडेड और राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने यह जानकारी दी कि मूल्यांकन प्रशिक्षण का आयोजन राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से की गई है। उन्होंने बताया कि जो शिक्षक समय पर प्रशिक्षण के लिए पहुंचेंगे, उन्हें ड्यूटी में ज्वॉइन कराया जाएगा। जो नहीं आएंगे, उनके वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
इस बार मूल्यांकन केंद्रों के रूप में राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, हुसैनाबाद इंटर कॉलेज, जीजीआईसी शाहमीना रोड, गोमतीनगर और जीआईसी निशातगंज को चुना गया है। शिक्षकों की अनुपस्थिति से मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी होने की संभावना बढ़ गई है, जिससे परीक्षा परिणाम घोषित करने में दिक्कतें आ सकती हैं।
इस समय यूपी बोर्ड का यह निर्णय सभी शिक्षकों के लिए चेतावनी है कि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहें और समय पर अपने कार्यों में भाग लें।
Published : 18 March 2025, 12:32 PM IST
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