Time Travel Flight: आखिर कैसे 2025 में उड़ने वाली फ्लाइट ने 2024 में किया लैंड, देखिए कैसे हुआ ये ‘चमत्कार’!

एक ऐसी फ्लाइट जिसने 2025 में उड़ान भरी लेकिन लैंड किया 2024 में… ऐसा हो सकता है क्या भला? हां ऐसा हुआ है। डाइनामाइट न्यूज़ पर पढ़िए पूरी खबर

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 2 January 2025, 3:08 PM IST

नई दिल्ली: एक ऐसी फ्लाइट जिसने 2025 में उड़ान भरी लेकिन लैंड किया 2024 में... ऐसा हो सकता है क्या भला? हां ऐसा हुआ है, लेकिन नहीं फ्लाइट ने टाइम ट्रैवल नहीं किया, बल्कि ऐसा हुआ है इंटरनेशनल डेट लाइन की वजह से... 

डाइनामाइट न्यूज़ के संवददाता के अनुसार, इंटरनेशनल डेट लाइन एक काल्पनिक रेखा है जो प्रशांत महासागर के बीचों-बीच स्थित है। यह रेखा धरती पर दो अलग-अलग तारीखों को डिवाइड करती है। जब कोई प्लेन इस लाइन को पार करता है, तो तारीख बदल जाती है। 

दो बार मनाया नए साल का जश्न

पश्चिम की ओर जाने पर तारीख एक दिन आगे बढ़ जाती है और पूर्व की ओर आने पर तारीख एक दिन पीछे चली जाती है। कैथे पैसिफिक की फ्लाइट CX880 ने 1 जनवरी 2025 को हांगकांग से उड़ान भरी और 31 दिसंबर 2024 को लॉस एंजेलिस में लैंड किया, इस वजह से ट्रेन में सफर कर रहे यात्रिओं ने दो बार नए साल का जश्न मनाया।

इंटरनेशनल डेट लाइन से जुड़ी कुछ खास बातें

यह रेखा प्राइम मेरिडियन से दुनिया के आधे हिस्से में स्थित है।

इसे आम तौर पर 'सीमांकन रेखा' के नाम से भी जाना जाता है।

इंटरनेशनल डेट लाइन को कोई कानूनी दर्जा नहीं है। देश अपने देश के लिए तिथि और समय क्षेत्र चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।

इंटरनेशनल डेट लाइन ज़िग-ज़ैग शैली में बनाई गई है। अगर यह रेखा सीधी होती, तो एक ही जगह पर दो तारीखे हो जातीं। इसलिए, दुनिया भर में एकरूपता बनाए रखने के लिए इसे टेढ़ा-मेढ़ा बनाया गया है।

अगर कोई व्यक्ति अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करता है, तो उसके लिए दिन एक दिन पहले या एक दिन आगे हो जाता है।

अगर कोई व्यक्ति पश्चिम की ओर यात्रा करता है और अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करता है, तो उसे एक दिन का लाभ होता है।

अगर कोई व्यक्ति पूर्व की ओर यात्रा करता है और अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करता है, तो उसे एक दिन का नुकसान होता है।

सुनिये भोजपुरी के ट्रेंडिंग स्टार खेसारी लाल क्या कह रहे हैं:

Published : 
  • 2 January 2025, 3:08 PM IST