
नई दिल्ली: तालिबान के कब्जे के बाद से हर रोज अफगानिस्तान में हालातों के बदलने का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही वहां का तालिबान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का दौर भी चलता आ रहा है। गुरूवार को हैरात शहर में बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स, सरकारी कर्मचारियों ने महिला अधिकारों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। विरोध-प्रदर्शनों के बीच आज अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार को सत्ता की कमान सौंपी जानी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अफगानिस्तान में किसे यह सत्ता सौंपी जायेगी, ताकि वहां स्थिरता के साथ भय का माहौल खत्म हो सके।
अफगानिस्तान में तालिबान आज अपनी नई सरकार बनाने जा रहा है। नई सरकार के स्वागत के लिये काबुल के राष्ट्रपति पैलेस में सजावट जारी है। सरकार की सत्ता की कमान संभालने वालों में जो नाम सबसे उपर हैं, वह है मुल्ला बरादर। कहा जा रहा है कि तालिबान की नई सरकार की कमान मुल्ला बरादर को सौंपी जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में तालिबान के हवाले से दावा किया है कि काबुल में शुक्रवार को तालिबान अपनी नई सरकार का गठन करेगा और मुल्ला बरादर इस सरकार की अगुवाई करेगा। इसके साथ ही तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला मोहम्मद याकूब, शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई को भी तालिबान की इस सरकार में अहम पद दिये जा सकते हैं।
बता दें कि मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को तालिबान का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। वह तालिबान के संस्थापकों में से एक है। 1996 से 2001 तक जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर राज किया, तब मुल्ला बरादर ने अहम भूमिका निभाई थी।
Published : 3 September 2021, 1:44 PM IST
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