
नई दिल्ली: टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा की हाल ही में खोली गई वसीयत में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उन्होंने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 500 करोड़ रुपये, एक ऐसे व्यक्ति के नाम किया है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।
यह धनराशि जमशेदपुर के निवासी और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े मोहिनी मोहन दत्ता को दी गई है। यह जानकारी टाटा परिवार के सदस्यों के लिए भी अप्रत्याशित है।
मोहिनी मोहन दत्ता जमशेदपुर के निवासी हैं और ट्रैवल उद्योग में कार्यरत हैं। उनका परिवार पहले “स्टैलियन” नामक एक ट्रैवल एजेंसी संचालित करता था, जिसे 2013 में ताज ग्रुप ऑफ होटल्स की इकाई ताज सर्विसेज में मिला दिया गया था। स्टैलियन में दत्ता परिवार की 80% हिस्सेदारी थी, जबकि शेष 20% टाटा इंडस्ट्रीज के पास थी। मोहिनी मोहन दत्ता टीसी ट्रैवल सर्विसेज के निदेशक भी रह चुके हैं, जो कि थॉमस कुक से जुड़ी एक कंपनी थी।
रतन टाटा के करीबी लोगों का कहना है कि मोहिनी मोहन दत्ता उनके पुराने साथी थे। हालांकि, इस बारे में स्वयं दत्ता ने कोई टिप्पणी नहीं की।
टाटा समूह के सूत्रों का कहना है कि दत्ता स्वयं को टाटा परिवार का करीबी बताते थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया था कि वे पहली बार जमशेदपुर के डीलर्स हॉस्टल में रतन टाटा से मिले थे, जब रतन टाटा 24 वर्ष के थे।
अपने अंतिम वर्षों में, रतन टाटा ने अपनी संपत्ति के प्रबंधन और वितरण के लिए दो संस्थाएं स्थापित की थीं।
उनके पास फेरारी और मसेराती जैसी लग्जरी कारें, महंगी पेंटिंग्स, विभिन्न स्टार्टअप्स में निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियां भी थीं। उनके निजी निवेश वाहन, RNT एसोसिएट्स, के पास वित्त वर्ष 2023 तक 186 करोड़ रुपये का निवेश था, जिसका मौजूदा बाजार मूल्य कई गुना बढ़ चुका होगा।
Published : 7 February 2025, 6:21 PM IST
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