
रांची: झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य में नक्सल समस्या अपने आखिरी चरण में है, क्योंकि सुरक्षा बलों ने इस समस्या के खात्मे के लिए समन्वित प्रयास शुरू किया है।
छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे झारखंड में ‘नक्सलियों के गढ़ और प्रशिक्षण केंद्र’ बूढ़ा पहाड़ पर तीन दशक से अधिक के नक्सल विरोधी अभियान के बाद हाल में सुरक्षा बलों ने कब्जा किया।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1989 बैच के अधिकारी सिंह को इस महीने की शुरुआत में झारखंड का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सिंह ने कहा, ‘‘झारखंड में नक्सल समस्या अपने आखिरी चरण में है। जो कुछ बचा है, उससे निपटने की जरूरत है। हमारे पास इससे निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी और अनुभव है। हम इससे निपटने में सक्षम हैं।’’
पिछले तीन वर्षों में क्षेत्रीय समिति के सदस्यों, जोनल, सब जोनल और एरिया कमांडरों सहित कुल 31 नक्सलियों को मार गिराया गया, जबकि पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्यों सहित 1,319 को गिरफ्तार किया गया।
नक्सलवाद से प्रभावित मुख्य क्षेत्रों में 44 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए गए।
सिंह ने कहा कि न केवल नक्सल समस्या, बल्कि उनकी प्राथमिकता राज्य में समग्र कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार करना और संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके अपराध में कमी लाना है।
शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘थानों, प्रशासनिक तंत्र तक आम आदमी की पहुंच बिना किसी परेशानी के हो... मेरी कोशिश रहेगी कि थाने में डर पैदा न हो, बल्कि इसे एक सहायक तंत्र के रूप में देखा जाए। इसके कामकाज में सुधार लाया जाएगा ...।’’
इसके अलावा, अभी भी शहरी पुलिसिंग, सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय चेहरे वाली पुलिसिंग की आवश्यकता है।
Published : 26 February 2023, 3:53 PM IST
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