
मुंबई: महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा के आरोपियों के संपत्ति पर बुलडोजर चलाने के मामले में देवेंद्र फडणवीस सरकार बैकफुट पर आ गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने आरोपियों की संपत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे विध्वंस की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
नागपुर हिंसा के आरोपियों में शामिल फहीम खान और युसूफ शेख के मकान को पुलिस ने सोमवार सुबह बुलडोजर चलाकर ढहा दिया था। फहीम खान युसूफ शेख ने सरकार के डेमोलेशन के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने सोमवार शाम को रोक लगा दी।
हाई कोर्ट ने जाहिर की चिंता
हाई कोर्ट ने प्रॉपर्टी के मालिकों की सुनवाई न होने पर चिंता जाहिर की जो कथित रूप से अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार थे। साथ ही इस बात पर निराशा जाहिर की कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से पहले उनकी सुनवाई नहीं की गई। दरअसल, फहीम खान की प्रॉपर्टी हाई कोर्ट के आदेश आने से पहले ही दोपहर में ढहा दी गई थी। यह प्रॉपर्टी उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
फहीम खान को जारी किया गया था नोटिस
कहा जा रहा है कि फहीम खान नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड है। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में फहीम खान की अवैध संपत्ति को ढहाने की कोशिश की गई। यह घर 86 वर्ग मीटर में बना हुआ है। फहीम नागपुर के मोमिनपुरा में एक दुकान चलाता है। फहीम खान के खिलाफ 21 मार्च को नोटिस जारी किया गया था और उसे कहा गया था कि वह 24 घंटे के भीतर खुद अवैध निर्माण हट दे।
Published : 24 March 2025, 7:10 PM IST
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