
महराजगंज: सोमवार की रात को करीब दस बजे महराजगंज नगर पालिका के चेयरमैन कृष्ण गोपाल जायसवाल के भांजे को बुलंद हौसले वाले मनबढ़ अपराधियों ने पुलिस की नाक के नीचे बेरहमी से गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के 12 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।
दिसंबर 2017 में नगर पालिका के चेयरमैन चुने गये कृष्ण गोपाल जायसवाल को 6 महीने बाद दोबारा चुनाव में जाना है, यह हत्या क्यों की गयी, क्या इसके पीछे कोई चुनावी समीकरण है, क्या कोई प्रापर्टी डीलिंग संबंधी जमीनी विवाद है, क्या कोई आपसी रंजिश है, इस पर फिलहाल कोई कुछ बोलने को तैयार नही, हां दबी जुबान जितने मुंह उतनी बात।
कल जिस अंदाज में मृतक को पहले घर से एक सधी और योजनाबद्ध रणनीति के तहत हत्यारों ने बुलाकर अपने जाल में फांसा और फिर शराब व बिरयानी की दुकान के बाहर सिर में सटाकर गोली मार आसानी से फरार हो गये, इसके बारे में डाइनामाइट न्यूज़ ने जब कुछ बड़े अपराधियों की कुंडली खंगाली तो यह आभास हुआ कि हत्यारे बेहद चालाक थे औऱ वे यह ठानकर आय़े थे कि उनका मकसद जान लेने का है और साथ ही साथ इलाके में अपना दहशत फैलाने का है।
जिस इलाके में हत्या हुई, वह इलाका कई मामलों में चर्चा में रहा है, चाहे बात आशनाई की हो या बड़े पैमाने पर जुआ खेलने की, कभी भी पुलिस ने इस पर प्रभावी अंकुश लगाने की कोई कोशिश नहीं की। यही कारण है कि नई सरकार बनने के बाद भी हत्यारों में न तो पुलिस का कोई खौफ है और न ही सरकार का कोई इकबाल।
डाइनामाइट न्यूज़ को आसपास के लोगों ने बताया कि मृतक का किसी से कोई खुला विवाद नहीं था लेकिन अंदर ही अंदर कई कारणों से कुछ अज्ञात उसे सबक सिखाना चाहते थे। मृतक भारतीय जनता युवा मोर्चा को जिला मंत्री तो था ही साथ ही साथ एक अधिवक्ता भी था। लोगों में हत्या के बाद आक्रोश है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि इसका सही खुलासा किया जाय और हत्यारों को जल्द सलाखों के पीछे डाला जाये।
Published : 22 March 2022, 9:18 AM IST
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