
रांची: झारखंड में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां के बीच प्रवर्तन निदेशालय ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे और आबकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह से जुड़े ठिकाने पर छापेमारी की है। इसके साथ ही ईडी द्वारा झारखंड शराब टेंडर से जुड़ी कई कंपनियों के मालिकों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है।
ये छापेमारी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मामलों में हो रही है। डाइनामाइट न्यूज की रिपोर्ट में जानिये आखिर कौन हैं IAS विनय चौबे और IAS गजेंद्र सिंह?
कौन हैं IAS विनय चौबे?
विनय कुमार चौबे 1999 बैच के आईएएस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। चौबे वर्तमान में झारखंड पंचायती राज विभाग के सचिव हैं। झारखंड में 2022 की आबकारी नीति के क्रियान्वयन के दौरान चौबे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव और राज्य के आबकारी सचिव थे। इसके अलावा वे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के प्रधान सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। सीएम हेमंत सोरेन के पद से हटने के बाद उन्हें फिर से मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था।
कौन हैं IAS गजेंद्र चौबे?
गजेंद्र सिंह एक्साइज डिपार्टमेंट के संयुक्त सचिव रहे हैं। शराब घोटाले के मामले में उन पर भी आरोप लगा था, जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है। इससे पहले पिछले साल 28 नवंबर को ईडी ने जांच के क्रम में पहली बार गजेंद्र सिंह को तलब किया था। हालांकि, उन्होंने सरकार का आदेश नहीं मिलने की बात कहते हुए आने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद उन्हें दूसरा समन जारी किया था, जिसका कोई जवाब नहीं मिला था। ऐसे में ईडी की तरफ से सख्त एक्शन लिया गया है।
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Published : 29 October 2024, 1:43 PM IST
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