
नयी दिल्ली: प्रमुख मुस्लिम संगठन ‘जमीयत उलेमा-ए-हिन्द’ ने शनिवार को राजस्थान के दो मुस्लिम युवकों के कथित अपहरण और हत्या को ‘‘बर्बरता’’ करार देते हुए इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इस घटना पर अपनी गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया।
जमीयत की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मदनी ने इसे अमानवीय घटना बताते हुए केंद्र एवं हरियाणा सरकार से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
मौलाना मदनी ने कहा कि इस तरह के क्रूर और घृणित कृत्यों को किसी भी सभ्य समाज विशेषकर भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में सहन नहीं किया जा सकता है।
बयान के मुताबिक, मौलाना मदनी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि उपरोक्त घटना के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए और उनके विरुद्ध कड़ी धाराओं में मुकदमे किए जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की न्यायिक जांच हो।
इस बीच, शनिवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में जमीयत के एक प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के भरतपुर जिले में पहाड़ी तहसील के घाटमीका गांव के रहने वाले नासीर (25) और जुनैद (35) के शव बृहस्पतिवार को भिवानी के लोहारू में जले हुए वाहन में मिले थे। इन दोनों का बुधवार को कथित रूप से कुछ ‘गौरक्षकों’ ने अपहरण कर लिया था। राजस्थान पुलिस ने परिवार के सदस्यों की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत पर नामजद पांच लोगों में से एक रिंकू सैनी को गिरफ्तार किया है।
Published : 19 February 2023, 1:16 PM IST
Topics : जमीयत उलेमा ए हिन्द नयी दिल्ली बर्बरता मुस्लिम युवक राजस्थान हत्या
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