
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक माँ की आँखों का तारा, एक पिता का गर्व, और गांव की शान18 वर्षीय राजीव सिंह अब सिर्फ़ यादों में रह गया। सपनों से भरी उसकी जिंदगी ने शुक्रवार को देर रात सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज के हॉस्टल में फांसी के फंदे पर सांस तोड़ दी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, गोरखपुर के गोला बाजार थाना क्षेत्र के घरावल गांव का यह होनहार बेटा अपने पीछे सवालों का सैलाब और आंसुओं की नदी छोड़ गया।राजीव, रामकरन सिंह और अमीता सिंह का इकलौता बेटा था। पिता विदेश में मेहनत कर परिवार का भविष्य संवार रहे थे, तो माँ गोरखपुर में किराए के मकान में रहकर बेटी अन्नी की पढ़ाई के साथ-साथ राजीव के सपनों को पंख दे रही थीं। खुद की नाजुक सेहत से जूझती माँ के लिए बेटा ही एकमात्र सहारा था। लेकिन शुक्रवार की वह काली सुबह उनकी दुनिया उजाड़ गई, जब राजीव के आत्महत्या की खबर आई।
खेल के मैदान का सितारा
राजीव का दिल खेल के मैदान में बसता था। कबड्डी में उसका हुनर बेमिसाल था। मेडल्स और ट्रॉफियों से सजा उसका कमरा आज भी उसके जुनून की कहानी बयां करता है। शुक्रवार सुबह भी वह कबड्डी खेलकर हॉस्टल लौटा था। हंसी-मजाक में डूबा वह चेहरा कुछ घंटों बाद ही दुनिया को अलविदा कह गया।
आखिर क्या हुआ?
खबर मिलते ही माँ अमीता सैफई के लिए रवाना हो गईं, और पिता ने विदेश से भारत की पहली फ्लाइट पकड़ ली। शनिवार सुबह, जब राजीव का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो उठा। माँ की चीखें, बहन के आंसू,और गांव वालों की नम आंखें हर तरफ सन्नाटा पसर गया। पिता के आने के बाद शाम को गोला मुक्ति पथ पर राजीव का अंतिम संस्कार होगा। राजीव सिर्फ़ एक बेटा नहीं, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक माँ का विश्वास,
Published : 12 April 2025, 5:51 PM IST
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