
रायबरेली: कार्तिक पूर्णिमा के दिन डलमऊ के गंगा घाट पर स्नान का विशेष महत्व है। इस बार आज यानी गुरूवार का कार्तिक पूर्णिमा है। यहाँ प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन होता है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनपद और आस-पास के क्षेत्रों से भी यहाँ स्नान करने आते हैं। वहीं इस मेले में एक खास बात और है कि यहां लोग काफी दूर-दूर से बैलगाड़ी से ही आते हैं।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक पुरानी परंपराओं के अनुसार यहां आने के लिए लोग आज भी बैलगाड़ी का प्रयोग करते हैं, बेशक इसके लिए उन्हें कितना समय लग जाए।
कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव में आयो गुरबक्श गंज निवासी अनिल कुमार ने डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में कहा कि यहां सभी बेल गाड़ियां कार्तिक पूर्णिमा डलमऊ जा रही हैं। मेले में पहुंचने के लिये यह समय से पहले निकलते हैं, ताकि समय से वहाँ पहुंच सकें। रायबरेली के आस पास के रहने वाले बहुत से लोग बैलगाड़ी से कार्तिक मेले में जाने की परंपरा को बरकरार रखे हुए है ।
डलमऊ पहुंचे श्रद्धालु राम किशोर ने बताया कि पुरानी परंपरा को बनाये रखने के मकसद से उन्होंने बैलगाड़ी के जरिए ही डलमऊ घाट का रुख किया। इस मेले में शामिल होने के लिए बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक इन्हीं बैलगाड़ियों का सहारा लेते हैं। खास बात यह है कि इस दौरान बैलगाड़ी पर ही खान-पान का सारा प्रबंध होता है।
कार्तिक मेला स्नान को लेकर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के साथ अन्य अधिकारियों ने मेला स्थल पर दौरा किया और व्यवस्थाओं का ज्यादा लिया। मेले में पहुंचने के लिए रूट डायवर्जन भी किए गए हैं। ताकि यातायात संबंधी कोई समस्या ना रहे।
Published : 14 November 2024, 12:28 PM IST
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