
निचलौल (महराजगंज): जनपद महराजगंज के निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही का मामला उभर कर सामने आया है। दरअसल, ठूठीबारी की एक प्रसूता प्रसव कराने पहुंची थी। जहां पर बीती शाम 4 बजे ही पीड़िता का डिलीवरी हो गयी थी। लेकिन डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण प्रसव पीड़िता की मृत्यु हो गई।
क्या है पूरा मामला
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़िता की डिलीवरी शाम 4 बजे हो गई थी। उसके बाद से ब्लीडिंग रात 8 बजे तक चलती रही। लेकिन डॉक्टरों ने किसी भी प्रकार का सुध नहीं लिया और घटना होने का इंतजार करते रहे।
पीड़िता की हालत बिगड़ते देख जिम्मेदार अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। परिजनों से कह दिया कि महिला को एंबुलेंस बुलवाकर जिला अस्पताल महराजगंज लेकर चले जाएं। उस दौरान जब परिजनों ने एंबुलेंस को फोन मिलाया लेकिन शाम 6 बजे से 8 बजे तक लगभग दो घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। जिसके कारण प्रसव पीड़िता ने अस्पताल में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
उठे सवाल
सवाल यह उठता है कि योगी सरकार स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग अन्य महत्वपूर्ण विभाग को सुदृढ़ करने में लगी हुई है। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में इतनी बड़ी घोर लापरवाही के चलते एक पीड़िता की मौत हो जाती है। यह बात सोचने योग्य है।
जानकारी के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है। अभी कुछ दिनों पूर्व निचलौल क्षेत्र के रौतार की प्रसव पीड़िता की मृत्यु हो गई थी। जिससे आक्रोशित होकर पीड़ित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। आनन-फानन में शासन प्रशासन ने पहुंचकर उस मामले को किसी तरह शांत कराया था।
निचलौल में लगातार हो रही इस तरह की प्रसव से संबंधित अप्रिय घटना कहीं ना कहीं सीएचसी केंद्र निचलौल पर एक सवालिया निशान खड़ा करती है।
Published : 29 September 2024, 7:10 PM IST
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