
बलरामपुर: बलरामपुर नगर के मध्य बना झारखंडी मंदिर जिले में आस्था का प्रतीक है। यहां बने सरोवर पर छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा सहित हिंदू त्यौहारों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ता है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अति प्राचीन झारखंडी महादेव मंदिर स्थित सरोवर पर सुन्नी वक्फ कर्बला तहफ्फुज कमेटी के सचिव सईद अहमद खान का दावा हाई कोर्ट लखनऊ की बेंच ने खारिज कर दिया है।
हाईकोर्ट में यह सफलता नगर पालिका परिषद की सतर्कता के कारण हुई है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैंस ने बताया कि झारखंडी मंदिर के निकट स्थित झारखंडी सरोवर पर स्थानीय सुन्नी वक्फ कर्बला तहफ्फुज कमेटी के सचिव सईद अहमद खान ने इस सरोवर को वक्फ की संपत्ति का दावा करते हुए हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में अपील की थी।
पत्रावलियों के अवलोकन तथा नगर पालिका परिषद बलरामपुर द्वारा लगाए गए जवाबी दावे के आधार पर हाई कोर्ट ने सुन्नी वक्फ कमेटी की अपील खारिज कर दी है।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने खतौनी में हाथ से लिखकर इस तालाब को कर्बला दर्शाते हुए कूट रचना की है।
इन लोगों की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद इन लोगों के खिलाफ शीघ्र ही धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि झारखंडी मंदिर आस्था जिले में आस्था का प्रतीक है। इस मंदिर का संबंध रामायण काल से जुड़ा है। शीघ्र ही नगरपालिका द्वारा झारखंडी सरोवर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
Published : 3 April 2025, 8:48 PM IST
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