
गुवाहाटी: असम में प्रकृति का जबरदस्त कहर देखने को मिल रहा है। राज्य के 26 जिले बाढ की चपेट में हैं। बाढ के कहर और धरती के जलमग्न होने के अब तक लाखों लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। कई लोगों के कच्चे-पक्के मकान बाढ की भेंट चढ गये हैं।
असम में बाढ के कारण गुरूवार सुबह तक 89 लोगों के मरने की खबरें सामने आ चुकी है। जबकि कई लोग जीवन के भारी संकट से जूझ रहे हैं और बाढ में रहकर मौत का सामना करने को मजबूर हैं।
इंसानों के अलावा अलावा यह हर प्राणी के जीवन पर खतरा बढता जा रहा है। यहां स्थित देश के प्रमुख प्राणी उद्यान पार्क में अब तक 100 से अधिक प्राणियों के मारे जाने की खबर हैं।
असम में कुदरत की इस सबसे बड़ी मार के कराण लगभग 25 लाख लोगों को अपना आवास छोड़ कर सड़कों पर बनाये गये अस्थायी आश्रयगृह में शरण लेना पड़ रहा है। ब्रह्मपुत्र नदी का उफान लगातार बढता जा रह है।
असम में आये इस जल प्रलय से प्रभावित लोगों को संकट से बचाने के लिये राज्य, केंद्र सरकार, आपदा प्रबंधन विभाग समेत अन्य विभागों द्वारा सभी जरूरी उपाय किये जा रहे हैं लेकिन बाढ की कहर इतना बड़ा और व्यापक है कि राहत और बचाव कार्य भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
Published : 23 July 2020, 12:06 PM IST
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