जिस पहलवान ने बजरंग को हराया, उसे धूल चटाकर सुजीत ने जीता गोल्ड! बृजभूषण बोले- एडहॉक कमेटी के फैसले से हुआ था भारी नुकसान

एशियन गेम्स में 65 किग्रा कुश्ती का स्वर्ण जीतने वाले सुजीत कलकल की सफलता के साथ तीन साल पुराना चयन विवाद भी चर्चा में आ गया है। बृजभूषण शरण सिंह ने सुजीत को बधाई देते हुए उस दौर की चयन प्रक्रिया और एडहॉक कमेटी के फैसलों पर अपनी बात रखी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 October 2026, 5:39 PM IST

Gonda: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने 2026 एशियन गेम्स में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में सुजीत ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय वह 2-9 से पीछे थे, लेकिन आखिरी दौर में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया।

सुजीत की इस उपलब्धि पर कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें बधाई दी। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल पहले सुजीत से जुड़े चयन विवाद का भी जिक्र किया और उस समय की व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।

तीन साल पहले सुजीत ने उठाई थी अपनी बात

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि करीब तीन साल पहले सुजीत कलकल ने फेडरेशन के सामने अपनी बात रखी थी और उन्होंने भी उनकी पैरवी की थी। उनके मुताबिक, उस समय भारतीय कुश्ती महासंघ भंग था और एडहॉक कमेटी व्यवस्था संभाल रही थी।

उन्होंने दावा किया कि एडहॉक कमेटी ने बजरंग पूनिया को बिना ट्रायल एशियन गेम्स के लिए भेजा था। बृजभूषण ने यह भी कहा कि जिस जापानी पहलवान से बजरंग पूनिया मुकाबला हार गए थे, उसी पहलवान को सुजीत ने हराया था। हालांकि, चयन प्रक्रिया और उस समय लिए गए फैसलों को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने तर्क रहे हैं।

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चयन को लेकर सुजीत ने अदालत का भी रुख किया था

सुजीत कलकल ने 2023 एशियन गेम्स के लिए बजरंग पूनिया को मिली डायरेक्ट एंट्री के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। बाद में 2024 में सुजीत ने 65 किग्रा वर्ग के चयन ट्रायल में जीत दर्ज कर एशियन और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई थी।

तीन साल तक जारी रही सुजीत की कोशिश

बृजभूषण के मुताबिक, सुजीत ने चयन को लेकर अदालत, सरकार और अन्य स्तरों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कई स्तरों पर बैठकें और पंचायतें हुईं तथा कुछ लोगों ने सुजीत के लिए इनाम की घोषणा भी की थी।

बृजभूषण ने इस अवधि को भारतीय कुश्ती के लिए नुकसानदायक बताते हुए दावा किया कि इस दौरान कई खिलाड़ियों की तैयारी और करियर प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिस्थितियां अलग होतीं तो भारत के खाते में और पदक आ सकते थे। यह उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत आकलन है।

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विनेश फोगाट के ट्रायल का भी किया जिक्र

बृजभूषण ने इसी संदर्भ में विनेश फोगाट के ट्रायल का भी जिक्र किया। उन्होंने तत्कालीन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने उस समय पूछा था कि क्या किसी पहलवान को एक ही दिन दो अलग-अलग वजन वर्गों में ट्रायल देने की अनुमति देने का कोई नियम है।

उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद एडहॉक कमेटी और तत्कालीन खेल मंत्रालय की व्यवस्था में विनेश फोगाट के दो वजन वर्गों में ट्रायल कराए गए। बृजभूषण ने वजन और चयन प्रक्रिया को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि इसका असर बाद में ओलंपिक में देखने को मिला। इन दावों पर संबंधित पक्षों की अलग-अलग राय रही है।

सुजीत की जीत ने फिर चर्चा में ला दिया पुराना विवाद

सुजीत कलकल की एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 2023 के चयन विवाद की चर्चा एक बार फिर सामने आई है। मौजूदा उपलब्धियों की बात करें तो सुजीत ने फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद 10-9 की जीत दर्ज की और 2026 एशियन गेम्स में भारत को कुश्ती का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।

बृजभूषण शरण सिंह ने सुजीत को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस सफलता पर पूरा देश गर्व कर रहा है।

Location :  Gonda

Published :  3 October 2026, 5:39 PM IST