सचिन तेंदुलकर का 52वां बर्थडे, जानिए वो बातें जो शायद आपने कभी नहीं सुनीं…

भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट इतिहास में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक और हजारों रन बनाने वाले सचिन सिर्फ रिकॉर्ड्स के लिए नहीं, बल्कि अपनी सादगी और अनुशासन के लिए भी जाने जाते हैं। उनके जन्मदिन पर जानिए उनके जीवन और करियर से जुड़े कई दिलचस्प तथ्य।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 24 April 2026, 5:58 AM IST

New Delhi: सचिन तेंडुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता ने उनका नाम मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका झुकाव था और कम उम्र में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा से लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था।

सचिन ने 1989 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और 2013 में क्रिकेट को अलविदा कहा। इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट मैच, 463 वनडे और कुल 663 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनके नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक और 34,347 रन दर्ज हैं, जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में शामिल करते हैं।

कम उम्र में ही उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए थे। 20 साल की उम्र से पहले पांच टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड आज भी खास माना जाता है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में डेब्यू मैच में शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया।

क्रिकेट करियर के पीछे छिपे कई अनसुने किस्से

सचिन तेंदुलकर का जीवन सिर्फ रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उनसे जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी हैं। स्कूल के दिनों में वह टेनिस स्टार जॉन मैकएनरो की स्टाइल कॉपी करते थे और लंबे बाल रखते थे। उनके शुरुआती क्रिकेट सफर में कई दिग्गजों ने मदद की।

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पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने उन्हें अपने अल्ट्रा-लाइट पैड दिए थे, जबकि दिलीप वेंगसरकर ने उन्हें पहला प्रोफेशनल बैट गिफ्ट किया था। 1988 में उन्होंने विनोद कांबली के साथ मिलकर स्कूल क्रिकेट में 664 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की थी।

बहुत कम लोग जानते हैं कि सचिन ने भारत के खिलाफ एक अभ्यास मैच में पाकिस्तान टीम के लिए फील्डिंग भी की थी। उन्होंने 1992 में इंग्लैंड की प्रसिद्ध यॉर्कशायर टीम के लिए खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया। उनका पहला वनडे शतक आने में 79 मैच लगे, लेकिन उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।

रिकॉर्ड्स, सम्मान और अनुशासन ने बनाया महान खिलाड़ी

सचिन तेंदुलकर सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि अनुशासन और समर्पण की मिसाल भी रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे करियर में शराब और तंबाकू के विज्ञापन से दूरी बनाए रखी। यही वजह है कि वे खेल के साथ-साथ समाज में भी एक आदर्श माने जाते हैं।

उन्हें 1998 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला, जबकि 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। साल 2014 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया। वह यह सम्मान पाने वाले पहले क्रिकेटर बने।
क्रिकेट की प्रसिद्ध पत्रिका विजडन ने उन्हें सर डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरा महान टेस्ट बल्लेबाज बताया। वहीं वनडे क्रिकेट में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना गया।

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उनके नाम वनडे विश्व कप में 9 बार मैन ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड है। सचिन ने अपने क्रिकेट करियर के हर फॉर्मेट में आखिरी मैच जीत के साथ खत्म किया, जो उनके शानदार सफर को और खास बनाता है। आज 52वें जन्मदिन पर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी उन्हें याद कर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावना और प्रेरणा का नाम हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 April 2026, 5:58 AM IST