
शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या और आशीष नेहरा (Img: Pinterest)
New Delhi: गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा ने टीम के पूर्व और मौजूदा कप्तानों हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल के व्यक्तित्व में बड़ा अंतर बताया है। नेहरा के मुताबिक दोनों खिलाड़ी बिल्कुल अलग स्वभाव के हैं। उन्होंने दोनों की तुलना नॉर्थ पोल और साउथ पोल से करते हुए कहा कि कप्तानी के साथ अनुभव बढ़ता है और खिलाड़ी लगातार बेहतर होता जाता है।
गुजरात टाइटंस ने आईपीएल में अपना सफर साल 2022 में शुरू किया था। टीम की कमान उस समय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के हाथों में थी। नई टीम होने के बावजूद गुजरात ने अपने पहले ही आईपीएल सीजन में शानदार प्रदर्शन किया और खिताब अपने नाम कर लिया।
इसके बाद 2023 के सीजन में भी हार्दिक की कप्तानी में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया और फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, 2024 के सीजन से पहले हार्दिक पंड्या गुजरात टाइटंस से अलग हो गए और अपनी पुरानी टीम में वापस लौट गए। इसके बाद गुजरात की कप्तानी की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को सौंपी गई।
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आशीष नेहरा का मानना है कि शुभमन गिल अभी कप्तानी के शुरुआती दौर में हैं। उनके पास आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने के लिए काफी समय है। नेहरा ने कहा कि कप्तानी का अनुभव समय के साथ आता है और खिलाड़ी हर सीजन में कुछ नया सीखता है। उन्होंने गिल को लेकर कहा कि वह अभी युवा हैं और उन्होंने लंबे समय तक कप्तानी नहीं की है। ऐसे में उनसे तुरंत किसी अनुभवी कप्तान जैसी भूमिका की उम्मीद करना सही नहीं होगा। जैसे-जैसे गिल को ज्यादा अनुभव मिलेगा, उनके फैसले लेने की क्षमता और कप्तानी दोनों में सुधार आएगा।
दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतर बताते हुए आशीष नेहरा ने कहा कि हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल का स्वभाव एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है। उन्होंने दोनों की तुलना नॉर्थ पोल और साउथ पोल से की। नेहरा के अनुसार हार्दिक काफी खुलकर अपनी बात रखने वाले खिलाड़ी हैं। वह कोच और टीम के लोगों से लगातार बातचीत करते हैं। वहीं शुभमन गिल अपेक्षाकृत शांत और कम बोलने वाले हैं। हालांकि, नेहरा के मुताबिक इसका मतलब यह नहीं है कि गिल में कोई कमी है। हर व्यक्ति का अपना अलग स्वभाव होता है।
आशीष नेहरा ने हार्दिक पंड्या के साथ काम करने के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि हार्दिक उन पर पूरा भरोसा करते थे। अगर उन्हें किसी चीज को लेकर परेशानी होती थी या कोई बात ठीक नहीं लगती थी, तो वह सीधे बातचीत करते थे। नेहरा के मुताबिक हार्दिक नई चीजें सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनके साथ क्रिकेट से जुड़ी कई बातों पर खुलकर चर्चा की जा सकती थी। यही खुलेपन की आदत टीम के लिए भी फायदेमंद रही।
वहीं शुभमन गिल को लेकर नेहरा ने कहा कि वह स्वभाव से शांत और थोड़े शर्मीले हैं। वह हार्दिक की तरह ज्यादा बातचीत नहीं करते, लेकिन जब भी अपनी बात रखते हैं तो वह काफी सोच-समझकर बोलते हैं। नेहरा ने यह भी कहा कि गिल लगातार नई चीजें सीखना चाहते हैं। वह अपने खेल और कप्तानी में सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पास अभी लंबा क्रिकेट करियर बाकी है, इसलिए समय के साथ उनकी कप्तानी में भी काफी बदलाव देखने को मिल सकता है।
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नेहरा के मुताबिक गिल को कप्तानी करते हुए अभी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें सीखने और अपनी शैली विकसित करने का मौका मिलना चाहिए। कप्तानी में अनुभव के साथ फैसले लेने की समझ मजबूत होती है। उन्होंने साफ किया कि हार्दिक और गिल की तुलना किसी एक को बेहतर या कमजोर बताने के लिए नहीं की जा सकती। दोनों की कार्यशैली अलग है और दोनों अपनी-अपनी खूबियों के साथ टीम का नेतृत्व करते हैं। आने वाले समय में अनुभव मिलने के साथ शुभमन गिल के कप्तानी कौशल में और निखार आने की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 8 September 2026, 3:12 PM IST