राष्ट्रमंडल खेल 23 से: केवल 10 स्पर्धाओं को जगह, भारतीय दल का आकार भी सिमटा, पदक बटोरना नहीं होगा आसान

ग्लास्गो 2026 राष्ट्रमंडल खेल 32 साल में सबसे छोटे होने जा रहे हैं। कुश्ती, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे 30 पदक जिताने वाले खेल बाहर होने से 125 भारतीय एथलीटों के सामने कड़ी चुनौती है। मीराबाई चानू की नजरें हैट्रिक पर हैं, जबकि भारत को 2030 अहमदाबाद खेलों का ध्वज मिलेगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 July 2026, 4:14 PM IST

New Delhi: खेलों के महाकुंभ का बिगुल बजने के साथ ही भारतीय प्रशंसकों की चिंताएं भी गहरा गई हैं। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में 23 जुलाई से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 पिछले 32 वर्षों के इतिहास में अब तक के सबसे छोटे खेल आयोजन बनने जा रहे हैं। 1994 के विक्टोरिया (कनाडा) खेलों के बाद यह पहला मौका है, जब केवल 10 स्पर्धाओं को जगह दी गई है। बर्मिंघम 2022 के मुकाबले खेलों में की गई यह भारी कटौती सीधे तौर पर पदक तालिका में भारत की स्थिति पर नकारात्मक असर डालने वाली है।

भारत के 'गोल्डन स्पोर्ट्स' बाहर, 30 पदकों का सीधा नुकसान

ग्लास्गो 2026 के इस छोटे स्वरूप का सबसे बड़ा खामियाजा भारतीय दल को उठाना पड़ेगा। जिन प्रमुख खेलों के दम पर भारत पदक तालिका में शीर्ष चार में जगह बनाता था-जैसे बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस, हॉकी, क्रिकेट और स्क्वैश- वे सभी इस बार प्रतियोगिता सूची से गायब हैं।

ग़ौरतलब है कि बर्मिंघम 2022 में भारत ने कुल 61 पदक अपने नाम किए थे, जिनमें से अकेले 30 पदक (47% हिस्सेदारी) इन्हीं हटाए गए खेलों से आए थे। ऐसे में इस बार भारत के लिए अपनी पिछली सफलता को दोहराना बेहद कठिन साबित होगा।

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125 एथलीटों का दल और मुक्केबाजों का खोया सामान

खेलो की संख्या घटने से भारतीय दल का आकार भी सिमट गया है-

दल की संख्या: पिछली बार 210 खिलाड़ियों का दल गया था, जबकि इस बार केवल 125 एथलीट (77 पुरुष और 48 महिला) भाग ले रहे हैं। इसमें 24 पैरा-एथलीट शामिल हैं।

प्रमुख टीमें: सबसे बड़ा दल एथलेटिक्स (32 खिलाड़ी) का है। इसके अलावा मुक्केबाजी (14), जूडो (14) और भारोत्तोलन (12) में भी भारतीय चुनौती पेश होगी।

शुरुआती झटका: स्पर्धा शुरू होने से पहले ही बेलफास्ट से ग्लास्गो पहुँची 22 सदस्यीय मुक्केबाजी टीम का सामान गायब हो गया। जैस्मिन, साक्षी और परवीन जैसी मुक्केबाजों के ट्रेनिंग गियर और उद्घाटन समारोह के कपड़े गायब होने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मजबूरी में लिया गया बजटीय फैसला

खेलों में इतनी बड़ी कटौती की वजह वित्तीय संकट बनी। दरअसल, मूल मेजबान ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य ने 2023 में अत्यधिक खर्च का हवाला देकर अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। इसके बाद ग्लास्गो ने कम समय और सीमित प्रायोजकों के बीच कम बजट में आयोजन का ज़िम्मा संभाला, जिसके चलते सभी टीम इवेंट्स और महंगे खेलों को हटाना पड़ा।

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मीराबाई चानू की हैट्रिक पर नजर, ध्यान एशियाई खेलों पर

भारोत्तोलन में टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू 26 जुलाई को अपना चौथा राष्ट्रमंडल पदक और लगातार तीसरा स्वर्ण जीतने के इरादे से उतरेंगी। हालांकि, उन्होंने साफ़ किया है कि वह ग्लास्गो में 200 किलो उठाने का जोखिम नहीं लेंगी, क्योंकि उनका मुख्य लक्ष्य 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ (205 किग्रा) प्रदर्शन करना है।

2030 अहमदाबाद खेलों का हैंडओवर और सांस्कृतिक प्रस्तुति

2 अगस्त को होने वाले समापन समारोह में भारत 2030 के 100वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए आधिकारिक ध्वज प्राप्त करेगा, जिसका आयोजन अहमदाबाद में होना है। इस 20 मिनट के विशेष हैंडओवर समारोह में गायक शंकर महादेवन और अभिनेत्री रश्मिका मंधाना अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी उपस्थित रहने की संभावना है।

Location :  New Delhi

Published :  22 July 2026, 4:14 PM IST