
40 वर्षीय गोलकीपर जोसिमार डायस उर्फ वोजिन्हा
New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैदान पर कई बड़े सितारे उतर रहे हैं, लेकिन इस बार सुर्खियां किसी सुपरस्टार स्ट्राइकर या महंगे खिलाड़ी ने नहीं बल्कि एक अनुभवी गोलकीपर ने बटोरी हैं। स्पेन और केप वर्डे के बीच खेले गए मुकाबले में भले ही दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, लेकिन मैच के बाद हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक नाम था- जोसिमार डायस। केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर, जिन्हें फुटबॉल जगत में ‘वोजिन्हा’ के नाम से जाना जाता है, ने ऐसा प्रदर्शन किया कि उन्होंने अकेले दम पर अपनी टीम को ऐतिहासिक ड्रॉ दिला दिया। उनके शानदार सेव ने दुनिया भर के फुटबॉल फैंस को उनका दीवाना बना दिया।
मुकाबले में स्पेन की टीम शुरुआत से ही आक्रामक नजर आई। गेंद पर कब्जे से लेकर गोल करने के प्रयास तक, स्पेन ने मैच में अपना दबदबा बनाए रखा। स्पेनिश टीम ने केप वर्डे के गोल पोस्ट पर कुल 23 शॉट लगाए, जबकि केप वर्डे की तरफ से सिर्फ 6 शॉट ही देखने को मिले। लेकिन स्पेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी वोजिन्हा। हर बार जब स्पेन के खिलाड़ी गोल की तरफ बढ़े, तब इस अनुभवी गोलकीपर ने अपनी शानदार प्रतिक्रिया से उन्हें रोक दिया। वोजिन्हा ने पूरे मैच में कुल 7 बेहतरीन सेव किए और स्पेन को गोल करने से लगातार दूर रखा। उनकी इसी मेहनत की वजह से केप वर्डे ने मजबूत टीम स्पेन के खिलाफ ऐतिहासिक ड्रॉ हासिल किया।
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मैच खत्म होने के बाद वोजिन्हा सिर्फ फुटबॉल मैदान के हीरो नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर भी छा गए। उनके शानदार प्रदर्शन की चर्चा दुनियाभर में होने लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेन के खिलाफ इस मुकाबले के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से ज्यादा नए फॉलोअर्स जुड़ गए। अब उनके फॉलोअर्स की संख्या 16 लाख से ज्यादा हो चुकी है। एक ही मैच में ऐसा स्टारडम मिलना किसी भी खिलाड़ी के लिए खास पल होता है। वोजिन्हा की कहानी अब उन खिलाड़ियों में शामिल हो गई है जिन्होंने बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई।
वोजिन्हा की गोलकीपिंग देखकर फुटबॉल फैंस ने उनकी तुलना जर्मनी के दिग्गज गोलकीपर मैनुअल नॉयर से करनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने कहा कि स्पेन के खिलाफ वोजिन्हा ने जिस तरह गोल पोस्ट संभाला, उसमें नॉयर जैसी आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी गोलकीपिंग नजर आई। उनका मैदान पर खड़े रहने का अंदाज, शॉट रोकने की क्षमता और दबाव में शांत रहने की कला ने सभी को प्रभावित किया।
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वोजिन्हा का यह प्रदर्शन सिर्फ यादगार ही नहीं बल्कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने वाला भी रहा। उनके सात सेव 1966 के बाद किसी विश्व कप मैच में 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के गोलकीपर द्वारा किए गए दूसरे सबसे ज्यादा सेव बताए जा रहे हैं। इस उम्र में भी बड़े मंच पर इतना शानदार प्रदर्शन करना उनकी फिटनेस और अनुभव को दिखाता है।
यह मुकाबला केप वर्डे के लिए भी बेहद खास रहा। टीम ने अपने पहले ही फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन को ड्रॉ पर रोक दिया। इतना ही नहीं, इस ऐतिहासिक मुकाबले से केप वर्डे ने वर्ल्ड कप में अपना पहला अंक भी हासिल कर लिया। जहां एक तरफ स्पेन जैसी बड़ी टीम को निराशा मिली, वहीं दूसरी ओर केप वर्डे और वोजिन्हा के लिए यह रात हमेशा यादगार रहने वाली है।
Location : New Delhi
Published : 16 June 2026, 8:07 AM IST