
फुटबॉल मैच में मुंह ढककर बात करने पर बवाल (Img: AI Generated Image)
New Delhi: फुटबॉल के मैदान पर रेड कार्ड मिलना कोई नई बात नहीं है। खतरनाक टैकल, हिंसक व्यवहार या रेफरी से बहस के कारण खिलाड़ी अक्सर मैदान से बाहर भेजे जाते हैं। लेकिन फीफा विश्वकप 2026 में एक ऐसा रेड कार्ड देखने को मिला जिसने खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक सभी को हैरान कर दिया।
एक खिलाड़ी को न तो किसी फाउल के लिए बाहर किया गया और न ही किसी हिंसक हरकत के लिए, बल्कि सिर्फ इसलिए रेड कार्ड दिखा दिया गया क्योंकि वह अपने हाथ से मुंह ढककर विरोधी खिलाड़ी से बात कर रहा था। यह घटना पैराग्वे और तुर्किये के बीच खेले गए ग्रुप मुकाबले में सामने आई, जो अब विश्वकप के सबसे चर्चित मैचों में शामिल हो गया है।
मुकाबले के पहले हाफ का खेल समाप्त होने वाला था। इंजरी टाइम चल रहा था और दोनों टीमों के खिलाड़ी जीत के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे। इसी दौरान तुर्किये के एक खिलाड़ी के टैकल पर रेफरी ने फाउल दे दिया। फाउल के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई। माहौल गर्म होने लगा और कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। इसी बीच पैराग्वे के अनुभवी मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन एक विरोधी खिलाड़ी से बात करते नजर आए।
बताया गया कि अल्मिरोन ने बातचीत के दौरान अपने हाथ से मुंह को ढक रखा था। उस समय मैदान पर मौजूद रेफरी ने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और खेल आगे बढ़ता रहा।
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घटना के कुछ ही मिनट बाद वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने फुटेज की समीक्षा की। कैमरों में साफ दिखाई दिया कि अल्मिरोन विरोधी खिलाड़ी से बातचीत करते समय अपना मुंह ढके हुए थे। VAR अधिकारियों ने रेफरी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद रेफरी ने खेल रोककर अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। रेड कार्ड मिलते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक हैरान रह गए। कई खिलाड़ियों को भी समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बिना किसी फाउल के खिलाड़ी को मैदान छोड़ना पड़ा।
जैसे ही हाफटाइम की सीटी बजी, माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। पैराग्वे के खिलाड़ियों ने फैसले का विरोध शुरू कर दिया। वहीं तुर्किये के खिलाड़ी रेफरी के फैसले को सही बताते नजर आए। ड्रेसिंग रूम की ओर जाते समय दोनों टीमों के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच तीखी बहस हो गई। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई। हालात बिगड़ते देख मैच अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
अल्मिरोन के बाहर होने से पैराग्वे को बड़ा झटका लगा। टीम पहले ही मुकाबले के दूसरे मिनट में गोल कर बढ़त बना चुकी थी। रेड कार्ड के बाद उसे पूरे दूसरे हाफ में सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। दूसरी तरफ तुर्किये के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। टीम को हर हाल में जीत की जरूरत थी। तुर्किये ने कई बार बराबरी का गोल करने की कोशिश की, लेकिन किस्मत उसका साथ नहीं दे सकी। कभी गेंद गोलपोस्ट से टकराई तो कभी मामूली अंतर से बाहर निकल गई। आखिरकार पैराग्वे ने 1-0 की बढ़त बरकरार रखी और मुकाबला जीत लिया।
इस हार के साथ तुर्किये का विश्वकप अभियान भी समाप्त हो गया। मैच खत्म होते ही कई तुर्की खिलाड़ी मैदान पर भावुक हो गए और कुछ खिलाड़ियों की आंखों में आंसू तक दिखाई दिए।
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फुटबॉल की नियम बनाने वाली संस्था IFAB ने इसी साल एक नया नियम लागू किया था। इसके तहत अगर कोई खिलाड़ी विवाद या बहस के दौरान जानबूझकर अपना मुंह ढककर विरोधी खिलाड़ी से बात करता है, तो इसे संदिग्ध व्यवहार माना जाएगा। इस नियम का उद्देश्य खिलाड़ियों के बीच होने वाली गुप्त बातचीत, अपमानजनक टिप्पणी या अनुचित भाषा के इस्तेमाल को रोकना बताया गया है। यही वजह है कि अब ऐसी स्थिति में सीधे लाल कार्ड दिखाया जा सकता है।
मिगुएल अल्मिरोन अब फीफा विश्वकप में इस नियम के तहत रेड कार्ड पाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। यही कारण है कि यह घटना सोशल मीडिया से लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों तक के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
Location : New Delhi
Published : 20 June 2026, 1:48 PM IST
Topics : FIFA World Cup 2026 Football Rules Sports News