Vivah Panchami: विवाह पंचमी पर शादी क्यों नहीं होती? जानें परंपरा के पीछे की मान्यता

विवाह पंचमी 25 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। भगवान राम और माता सीता के विवाह दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस दिन को पूजा के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन विवाह अनुष्ठान नहीं किए जाते। जानें इसका कारण और इस दिन पूजा से मिलने वाले फल।

Post Published By: ईशा त्यागी
Updated : 25 November 2025, 12:49 PM IST

New Delhi: अगहन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली विवाह पंचमी का पर्व इस साल 25 नवंबर को पड़ रहा है। यह दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, इस तिथि को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन लोग इस दिन विवाह समारोह करने से बचते हैं। इसके पीछे विशेष धार्मिक मान्यता जुड़ी है।

क्यों नहीं किए जाते विवाह पंचमी के दिन विवाह?

हालांकि, भगवान राम और माता जानकी की जोड़ी को आदर्श दंपति माना जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यता है कि उनके वैवाहिक जीवन में कई चुनौतियां आई थीं। 14 वर्षों का वनवास, रावण के साथ भीषण युद्ध और वनवास समाप्त होने के बाद भी माता सीता का पुनः वन में जाना इस कठिन यात्रा का हिस्सा थे। ऐसा माना जाता है कि जो दंपति इस तिथि पर विवाह करते हैं, उनके जीवन में भी वैवाहिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसी कारण विवाह पंचमी को विवाह के शुभ मुहूर्त के रूप में नहीं माना जाता।

अयोध्या और नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता पर्व

  • विवाह पंचमी का त्योहार विशेष रूप से अयोध्या और नेपाल में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
  • भगवान राम और माता सीता के विवाह की भव्य झांकियां निकाली जाती हैं।

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  • कई भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और विशेष पूजा करते हैं।
  • धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सुखी वैवाहिक जीवन, सौभाग्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

इस दिन कैसे करें पूजा?

यदि आप विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता जानकी की पूजा करना चाहते हैं, तो ये विधि अपनाई जा सकती है:

  • श्रीराम और माता सीता की मूर्ति या चित्र पर फूल चढ़ाएं।
  • तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का जप करें।
  • श्रीराम मंत्र और जानकी मंत्र का जप करें।
  • मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं और भक्त की सभी कामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।

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सावधानियां और अस्वीकरण

इस दिन बताए गए पूजा-विधि, उपाय और मान्यताएँ धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी धार्मिक निर्णय या अनुष्ठान के लिए अपने विवेक का उपयोग करें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 18 November 2025, 4:02 PM IST