Home Entrance Vastu: उत्तर-पूर्व की इन 3 दिशाओं में भूलकर भी न बनाएं मुख्य द्वार, छा सकती है कंगाली; पढ़ें Expert के बताए नियम

Interior Vastu Planner Rani Tiberwal से जानिए 32 प्रवेश द्वार सीरीज में Bhujang, Aditi और Diti दिशाओं के नियम। इन दिशाओं में Main Door होने के नुकसान और शिव, काली व तारा यंत्र से जुड़े अचूक Vastu Remedies की पूरी जानकारी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 19 June 2026, 3:54 PM IST

New Delhi: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance) का बहुत अधिक महत्व माना गया है। घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवेश इसी मुख्य द्वार से होता है। इसी विषय पर गहराई से प्रकाश डालने के लिए Interior Vastu Planner & Consultant रानी टिबड़ेवाल अपनी विशेष '32 प्रवेश द्वार सीरीज' (32 Entrance Series) लेकर आई हैं। सीरीज के इस भाग में हम तीन महत्वपूर्ण और संवेदनशील दिशाओं भुजंग (Bhujang), अदिति (Aditi) और दिति (Diti) दिशा के बारे में विस्तार से जानेंगे कि यहां Main Door होने का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

भुजंग एंट्री दिशा (Bhujang Entrance Direction)

Vastu Consultant रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, भुजंग एंट्री दिशा उत्तर (North) और पूर्व (East) का $1/4$ हिस्सा (one-fourth part) होती है। यह दिशा 'सोम दिशा' के बिल्कुल विपरीत (Opposite) मानी जाती है, जिसके कारण इसके परिणाम काफी नकारात्मक होते हैं। यदि आपके घर का मुख्य द्वार इस दिशा में है, तो इसे वास्तु में काफी अशुभ माना गया है।

इस दिशा में एंट्री होने से परिवार में संतान प्राप्ति (Childbirth) की संभावनाएं ना के बराबर हो जाती हैं। इसके साथ ही, घर के सदस्यों का समाज में विवाद और झगड़े (Social Disputes) बढ़ने लगते हैं। यह दिशा घर में Negative Energy को तेजी से बढ़ावा देती है।

Vastu Remedy: अगर आपके घर की एंट्री भुजंग दिशा में है, तो इस दोष को दूर करने के लिए मुख्य द्वार पर शिव यंत्र (Shiva Yantra) की स्थापना अवश्य करें।

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अदिति दिशा (Aditi Direction)

सीरीज की अगली एंट्री अदिति है। यह दिशा उत्तर और पूर्व (North-East) का 3/4 हिस्सा (three-fourth part) कवर करती है। Interior Vastu Planner रानी टिबड़ेवाल बताती हैं कि इस दिशा में मुख्य द्वार होने का सीधा असर घर की बेटियों या लड़कियों पर पड़ता है।

यदि आपके घर का Main Gate इस दिशा में बना हुआ है, तो उस घर की लड़कियां अक्सर अपने परिवार के खिलाफ (Against the Family) जाकर विवाह करती हैं। ऐसी लड़कियां सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं (Traditions) को मानने से इनकार कर देती हैं, जिससे परिवार में वैचारिक मतभेद पैदा होते हैं।

Vastu Remedy: इस दिशा के नकारात्मक प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश द्वार पर **काली यंत्र (Kali Yantra)** स्थापित करने की सलाह दी जाती है।

दिति दिशा (Diti Direction)

32 प्रवेश द्वार सीरीज में अगली महत्वपूर्ण दिशा 'दिति' है। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, दिति दिशा में घर की एंट्री होना सीधे तौर पर आपकी वित्तीय स्थिति (Financial Status) को प्रभावित करता है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से घर में हमेशा धन की कमी (Lack of Wealth) बनी रहती है। लाख कोशिशों के बाद भी पैसों की बचत नहीं हो पाती है और बेवजह के खर्च व आर्थिक तंगी (Financial Crisis) परिवार को परेशान करती है।

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Vastu Remedy: आर्थिक नुकसान से बचने और धन के प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए इस दिशा में तारा यंत्र (Tara Yantra) की स्थापना करनी चाहिए।

यदि आप वास्तु के इन नियमों का पालन करते हैं, तो अपने घर के दोषों (Vastu Dosh) को आसानी से सुधार सकते हैं। अगर आपको बाकी दिशाओं के बारे में भी विस्तार से जानना है, तो इस '32 प्रवेश द्वार सीरीज' के साथ जुड़े रहें।

Location :  New Delhi

Published :  19 June 2026, 3:49 PM IST