Vastu Tips: मुख्य द्वार की दिशा बदल सकती है आपकी किस्मत, जानें किस एंट्री से होता है भारी नुकसान

घर का मुख्य द्वार खुशहाली और तरक्की का रास्ता होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ईश (ईशान) और पर्जन्य दिशा की एंट्री से जुड़े दोषों और उनके निवारण के लिए त्रिपुर भैरवी व कमला यंत्र की स्थापना बेहद जरूरी मानी गई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 26 June 2026, 1:00 PM IST

New Delhi: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Gate) को सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाएं घर में प्रवेश करती हैं। यदि मुख्य द्वार सही दिशा में न हो, तो परिवार को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Interior Vastu Planner & Consultant रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, उत्तर और पूर्व दिशा के कुछ विशेष कोण (Angles) ऐसे होते हैं, जिनका गहरा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। इनमें से दो प्रमुख एंट्री 'ईश/शीखी' और 'पर्जन्य' मानी जाती हैं। इन दिशाओं के सही ज्ञान और उनसे जुड़े वास्तु दोषों को दूर करके घर में सुख-समृद्धि का वास सुनिश्चित किया जा सकता है।

ईश/शीखी दिशा की एंट्री

'ईश' या 'शीखी' दिशा की एंट्री मुख्य रूप से उत्तर (North) और पूर्व (East) के मिलन बिंदु यानी ईशान कोण से संबंधित होती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इस विशिष्ट प्रवेश द्वार का संबंध 'अग्नि' तत्व से भी जुड़ा होता है। यदि इस दिशा के द्वार का वास्तु असंतुलित हो, तो घर में हमेशा आकस्मिक हानि, अचानक आने वाले संकट या अप्रत्याशित वित्तीय नुकसान का खतरा बना रहता है।

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इस दिशा से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा नकारात्मक होती है, जो परिवार के सदस्यों के बीच तनाव पैदा कर सकती है। इस गंभीर वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए मुख्य द्वार पर 'त्रिपुर भैरवी यंत्र' की स्थापना करने की सलाह दी जाती है। यह यंत्र घर को बुरी शक्तियों से बचाता है।

पर्जन्य एंट्री

वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक, 'पर्जन्य' एंट्री पूर्व (East) और उत्तर (North) दिशा के कुल हिस्से का लगभग 20% भाग होती है। इस दिशा का सीधा संबंध ब्रह्मांडीय और अतिरिक्त ऊर्जा (Extra Energy) से होता है। यदि इस स्थान पर मुख्य द्वार बनाया गया है, तो उस अतिरिक्त ऊर्जा को सही दिशा में संतुलित करना बेहद आवश्यक हो जाता है, अन्यथा यह ऊर्जा जीवन में उथल-पुथल मचा सकती है।

पर्जन्य दिशा की इस ऊर्जा को सकारात्मकता और धन-धान्य में बदलने के लिए मुख्य गेट पर 'कमला यंत्र' की स्थापना की जानी चाहिए। माँ कमला (लक्ष्मी) का यह यंत्र घर में समृद्धि और शांति लाता है।

यंत्र स्थापना से चमकेगी किस्मत

यदि आपके घर का मुख्य द्वार भी इन दिशाओं में आता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। वास्तु शास्त्र में बिना किसी तोड़-फोड़ के भी दोष निवारण के अचूक उपाय बताए गए हैं। ईश दिशा के दोषों के लिए त्रिपुर भैरवी यंत्र और पर्जन्य दिशा की एंट्री के लिए कमला यंत्र को शुभ मुहूर्त में मुख्य द्वार पर स्थापित करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है। यह उपाय न केवल आकस्मिक दुर्घटनाओं और हानियों से रक्षा करते हैं, बल्कि घर में सुख, शांति, मान-सम्मान और अटूट लक्ष्मी की कृपा भी बनाए रखते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 June 2026, 2:29 PM IST