11 अगस्त को सावन शिवरात्रि: भद्रा के साये के बीच कैसे मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद? जानें व्रत के नियम

11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि! जानें शिव-पार्वती की कृपा पाने के लिए व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं। सावन सोमवार के व्रतियों के लिए नियम और 12 अगस्त को पारण का सही समय। पढ़ें पूरी जानकारी

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 11 August 2026, 12:05 PM IST

New Delhi: भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस बार सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, मंगलवार को मनाई जा रही है। हर माह आने वाली शिवरात्रि में सावन की शिवरात्रि का महत्व सबसे खास होता है, क्योंकि इस दिन जलाभिषेक के साथ-साथ व्रत रखने से शिव-पार्वती दोनों का असीम आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, इस बार पूजा-अर्चना के दौरान भद्रा के समय का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।

सावन शिवरात्रि व्रत करने से क्या मिलता है फल?

शिव पुराण के अनुसार, सावन शिवरात्रि का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मन और आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे श्रद्धा भाव से रखने पर अनजाने में हुए पाप मिट जाते हैं और मानसिक शांति मिलती है। अविवाहित कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, जबकि शादीशुदा लोगों के वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। जीवन के सारे सांसारिक सुख भोगने के बाद इंसान मोक्ष का भागी बनता है।

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व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से बनाएं दूरी?

व्रत के दौरान शरीर की ऊर्जा बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप ताजे फल, दूध, दही, मखाने, साबूदाना और सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बनी सात्विक चीजें खा सकते हैं। अगर आप फलाहार में नमक लेते हैं, तो केवल सेंधा नमक और काली मिर्च का ही इस्तेमाल करें। वहीं दूसरी ओर, अनाज, भारी-तले भुने भोजन और प्याज-लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें।

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सावन सोमवार के व्रती और पारण की सही विधि

जो लोग पहले से सावन सोमवार का व्रत रखते आ रहे हैं, वे भी बिना किसी झिझक के सावन शिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं; दोनों व्रतों का महत्व और संकल्प अलग-अलग है। रही बात व्रत पारण की, तो 12 अगस्त 2026 को सुबह 05:49 बजे सूर्योदय के बाद ही व्रत खोलना शास्त्रों के अनुसार सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।

Location :  New Delhi

Published :  11 August 2026, 12:05 PM IST