
रमा एकादशी 2026 (Img- Pinterest)
New Delhi: कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसे रम्भा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
कई श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करते हैं। आइए जानते हैं कि साल 2026 में रमा एकादशी कब मनाई जाएगी, पूजा का शुभ समय क्या रहेगा और व्रत का पारण किस दिन किया जाएगा।
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इस एकादशी को पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति का माध्यम बताया गया है।
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रमा एकादशी की तिथि 4 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 3 मिनट से शुरू होगी और 5 नवंबर को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। व्रत 5 नवंबर को रखा जाएगा। इसका पारण अगले दिन यानी 6 नवंबर, शुक्रवार को किया जाएगा। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, पारण का समय सुबह 6 बजकर 37 मिनट से 8 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। अलग-अलग स्थानों पर पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा के लिए एक साफ चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं। चौकी पर भगवान गणेश और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। फिर दीपक जलाकर विधि-विधान से पूजा करें। भगवान को फूल, अक्षत और फल अर्पित करें। भगवान विष्णु को पंचामृत में तुलसी दल डालकर चढ़ाएं। इसके बाद भोग लगाएं और रमा एकादशी की व्रत कथा सुनें। पूजा के अंत में भगवान विष्णु और गणेश जी की आरती करें।
इस दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं। प्रमुख मंत्र इस प्रकार हैं:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।
नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमा एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आने की मान्यता है। कहा जाता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने वाले भक्तों को मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। हालांकि, ये धार्मिक आस्थाएं और मान्यताएं हैं, जिनका पालन श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार करते हैं।
Location : New Delhi
Published : 3 November 2026, 3:59 PM IST
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