
गोमाता की यह सेवा (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। इस दिन खरीदारी का विशेष महत्व होता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन में कभी भी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है। इन्हीं उपायों में से एक सबसे खास और महत्वपूर्ण उपाय है गाय को भोजन कराना या पहला निवाला देना। भारतीय संस्कृति में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि रसोई में बनने वाली पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकाली जाती है।
सनातन धर्म में गाय को केवल एक मूक प्राणी नहीं बल्कि मातृत्व, पोषण और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय के शरीर में 33 कोटि के देवी-देवताओं का वास होता है। इसके अलावा, मां लक्ष्मी का एक स्वरूप गोमाता को भी माना गया है। यही वजह है कि धनतेरस के शुभ अवसर पर जब मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है, तो गाय को पहला ग्रास खिलाने से इस व्रत और पूजन का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है।
धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन या अन्य नई वस्तुएं खरीदने के साथ यदि गाय की सेवा की जाए और उसे पहला निवाला खिलाया जाए, तो इससे देवी लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं। मान्यता है कि इस विशेष उपाय से घर में धन का आगमन तेजी से होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इतना ही नहीं, धार्मिक जानकारों का यह भी मानना है कि गाय को भोजन कराने से व्यक्ति को लंबे समय से चली आ रही कर्ज की समस्याओं से भी राहत मिलती है।
धनतेरस के दिन गाय माता को विशेष भोग अर्पित करना बेहद फलदायी माना जाता है। जब आप गाय को भोजन या रोटी खिला रहे हों, उस दौरान 'ऊं सुरभ्ये नम:' मंत्र का जाप करना अत्यंत आवश्यक और शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से गाय माता मनुष्य के सभी विकारों को दूर कर देती हैं और उनकी कृपा से जीवन में तरक्की के नए मार्ग खुलने लगते हैं।
हिंदू धर्म और वेदों में गायों को 'आधिदेविक' माना गया है, जिन्हें संस्कृत में 'धेनु' कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब देवताओं और दानवों द्वारा क्षीर सागर का समुद्र मंथन किया गया था, तब उसमें से निकले 14 रत्नों में 'कामधेनु' गाय भी शामिल थी। प्राचीन काल से ही हिंदू ग्रंथों में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इनकी पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। इसलिए धनतेरस के खास दिन गोमाता की सेवा करना और उन्हें पहला निवाला देना हर लिहाज से अत्यंत पुण्यकारी और कल्याणकारी माना गया है।
Disclaimer: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं।
Location : New Delhi
Published : 28 October 2026, 12:55 PM IST