अमरनाथ गुफा से आई मायूस करने वाली तस्वीर: सिर्फ 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, जानें क्यों समय से पहले अंतर्ध्यान हुए भोलेनाथ

अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है। यात्रा शुरू हुए महज 5 दिन हुए हैं और अभी 3 लाख से ज्यादा भक्तों का दर्शन बाकी है। जानिए इसके पीछे के 5 बड़े कारण।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 July 2026, 9:14 AM IST

New Delhi: बाबा अमरनाथ के दर्शन की आस लगाए बैठे लाखों शिवभक्तों के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आ रही है। अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग (हिमलिंग) यात्रा शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर ही लगभग पूरी तरह पिघल गया है। इस साल 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होनी है, लेकिन शुरुआती दिनों में ही हिमलिंग के गायब होने से श्रद्धालुओं के बीच निराशा और खलबली का माहौल है।

3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का दर्शन अभी बाकी

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल बाबा अमरनाथ की यात्रा के लिए देश-विदेश से करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा के पहले चार दिनों में ही लगभग 86 हजार भक्तों ने पवित्र गुफा में माथा टेका था, और पांचवें दिन यानी मंगलवार को यह आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंच गया।

इसका सीधा मतलब यह है कि अभी भी 3 लाख से ज्यादा पंजीकृत श्रद्धालुओं का दर्शन करना बाकी है, जिन्हें अब बाबा बर्फानी के पूर्ण स्वरूप के दर्शन नहीं मिल सकेंगे। हालांकि, भक्त अभी भी पूरे उत्साह के साथ दोनों पारंपरिक रास्तों 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और 14 किलोमीटर वाले कठिन बालटाल रूट से लगातार गुफा की ओर बढ़ रहे हैं।

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मई में 7 फीट का था आकार, जुलाई आते-आते 90% गायब

इस बार हिमलिंग के आकार में बेहद तेजी से गिरावट देखी गई है। बीते 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने जो तस्वीरें जारी की थीं, उसमें शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट का भव्य और विशाल था। इसके बाद 29 जून को जब पहली आधिकारिक पूजा हुई, तब भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा बनी हुई थी। लेकिन इसके बाद मौसम और भारी भीड़ के चलते पासा पलटा और 6 जुलाई को सामने आई ताजा तस्वीरों में हिमलिंग लगभग 90 प्रतिशत तक गायब नजर आया।

क्यों समय से पहले पिघल गए बाबा बर्फानी? जानें 5 मुख्य कारण

विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों के अनुसार, पवित्र हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के पीछे मुख्य रूप से पांच बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं:

1. तापमान में लगातार बढ़ोतरी: पहाड़ों और गुफा के आसपास के स्थानीय तापमान में अचानक आई गर्मी बर्फ को तेजी से सोख रही है।
2. श्रद्धालुओं की भारी भीड़: गुफा के भीतर हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और उनकी सांसों की गर्मी से अंदर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे बर्फ तेजी से पिघलती है।

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3. टपकने वाले पानी का व्यवहार: शिवलिंग के निर्माण के लिए जिम्मेदार छत से टपकने वाला पानी इस बार जमने के बजाय सीधे बह गया, जिससे आकार घट गया।
4. नमी और हवा का बहाव: गुफा के आंतरिक वातावरण में नमी और हवा के अप्रत्याशित बदलावों ने बर्फ के टिके रहने की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया।
5. ग्लोबल वार्मिंग और मौसम परिवर्तन: सर्दियों में कम बर्फबारी, समय से पहले गर्म हवाएं चलना और क्षेत्र में होने वाली बारिश ने इस बार बाबा बर्फानी के स्वरूप को सीधे प्रभावित किया है।

Location :  New Delhi

Published :  7 July 2026, 9:14 AM IST