
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्साह सातवें आसमान पर है। 3 जुलाई से शुरू हुई इस पवित्र यात्रा के शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही कुल 56,961 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं। यात्रा के तीसरे दिन यानी रविवार को अकेले 24,648 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में माथा टेका।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार शाम तक बालटाल और पहलगाम-चंदनवाड़ी दोनों मार्गों से होकर 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक रिकॉर्ड संख्या में भक्त पहुंचे। गुफा क्षेत्र में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के बावजूद यात्रा सुचारू रूप से चलती रही।
बालटाल और नुनवान बेस कैंपों में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रा की योजना बना रहे अपंजीकृत (Unregistered) तीर्थयात्रियों से अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए स्थगित करने का कड़ा आग्रह किया है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ के कारण 9 जुलाई तक के सभी पंजीकरण स्लॉट पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
प्रशासन ने घोषणा की है कि रविवार से केवल उन्हीं तीर्थयात्रियों को कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है जिनके पास वैध पंजीकरण है। बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को नए कोटा उपलब्ध होने तक निर्धारित चौकियों पर ही रोक दिया जाएगा।
जम्मू में भी श्रद्धालुओं का ताँता लगा हुआ है। तवी नदी के किनारे, राम मंदिर, पुरानी मंडी और गीता भवन के पास बने पंजीकरण और टोकन वितरण केंद्रों पर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सोमवार सुबह काउंटरों पर 5,000 अपंजीकृत यात्रियों का पंजीकरण कराया गया।
गौरतलब है कि 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा दो पारंपरिक रास्तों से आयोजित हो रही है। पहला रास्ता 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा छोटा और दुर्गम 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है। यह पूरी यात्रा श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहार पर समाप्त होगी।
श्रद्धालुओं की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। रामबन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल जी जादू ने बताया कि पूरे यात्रा मार्ग पर 16 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जो श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।
अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना, कड़ी सुरक्षा के बीच 57 दिन चलेगी पवित्र यात्रा
इसके अलावा चंदरकोट यात्री निवास और लैंबर यात्रा कैंप ग्राउंड में दो अत्याधुनिक मिनी हॉस्पिटल भी तैयार किए गए हैं। इन हॉस्पिटलों में ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर और अस्थमा मरीजों के लिए नेबुलाइज़र जैसी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूरी यात्रा के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए 20 डॉक्टरों और 50 पैरामेडिकल स्टाफ सहित कुल 75 सदस्यीय टीम तैनात है।
Location : New Delhi
Published : 6 July 2026, 12:25 PM IST