
प्रतीकात्मक छवि (Image Source: Pinterest)
Rohtak: हरियाणा के रोहतक स्थित डेयरी मोहल्ला में हुए दंपती सुसाइड केस में अब एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। शुक्रवार को 50 वर्षीय राजीव और 45 वर्षीय शालिनी द्वारा जहरीला पदार्थ निगलकर जान देने की घटना ने सिर्फ दो परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और एफएसएल (FSL) की शुरुआती जांच में जो बात सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है, वह है मौत से ठीक पहले के वे '75 मिनट'।
दिल्ली के शाहदरा से अपने पिता विनोद के साथ रोहतक पहुंची शालिनी को क्या इस खौफनाक अंजाम का अहसास था? पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बदहवास घूम रहे बुजुर्ग पिता का एक-एक आंसू अब कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू शालिनी के बुजुर्ग पिता विनोद का वह पश्चाताप है, जो अब उन्हें जिंदगी भर सालता रहेगा। जांच में सामने आया है कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जब शालिनी अपने पिता के साथ रोहतक स्थित घर पहुंची, तो उसने खुद पिता को बाहर ही रोक दिया था। शालिनी को अंदेशा था कि राजीव उसके पिता के साथ बदसलूकी या विवाद कर सकता है।
पिता विनोद घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ की छांव में बैठकर अपनी बेटी के लौटने का इंतजार करते रहे। वह सवा घंटे (75 मिनट) तक इस उम्मीद में बैठे रहे कि अंदर सब ठीक हो रहा होगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि बंद कमरे के भीतर दोनों मौत का कड़वा घूंट पी रहे थे।
घर के भीतर सवा घंटे तक कोई हलचल न होने पर जब राजीव के बड़े भाई संजय को शक हुआ, तो वह कमरे की तरफ गए। दरवाजा खोलते ही जो मंजर सामने था, उसने सबके होश उड़ा दिए। राजीव और शालिनी अचेत अवस्था में पड़े थे। चीख-पुकार सुनकर बाहर पेड़ के नीचे बैठे पिता विनोद भी अंदर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
शनिवार को पीजीआइएमएस के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विनोद अपनी बेटी का पर्स और सामान हाथों में थामे पागलों की तरह घूमते रहे। वह रोते हुए रिश्तेदारों को फोन पर बस यही कह रहे थे कि अगर वह अंदर चले जाते, तो शायद दोनों आज जिंदा होते।
पुलिस की तफ्तीश में इस आत्महत्या के पीछे की मुख्य वजह राजीव की आर्थिक लापरवाही और अंधविश्वास सामने आई है। करीब 20 साल पहले शादी के बंधन में बंधे इस जोड़े के बीच पिछले 6 सालों से मनमुटाव चल रहा था। थाना प्रभारी सुशील कुमार के मुताबिक, राजीव कोई परमानेंट काम नहीं करता था, बल्कि वह झाड़-फूंक और बाबागीरी के चक्कर में ज्यादा रहता था।
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इसी वजह से शालिनी पिछले दो साल से अपने बेटे और बेटी के साथ दिल्ली में रह रही थी। शालिनी की बस इतनी सी जिद थी कि राजीव अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री कराकर उसे किराये पर दे दे, ताकि बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च निकल सके। लेकिन इस आखिरी मुलाकात में संपत्ति का यह विवाद जिंदगी खत्म होने के खूनी मोड़ पर आकर रुक गया।
Location : Rohtak
Published : 20 June 2026, 9:17 AM IST