
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest )
Kurukshetra: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर काफी वायरल हो रही है। जिसने अस्पताल प्रशासन पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है। यह वायरल खबर हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल की बताई जा रही है। अस्पताल में 15 वर्षीय नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया। जब हरियाणा राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रेनू भाटिया अस्पताल पहुंचीं तो मामले का पता चला। उन्होंने मामले की जानकारी लेने के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं और घटना से जुड़े स्टाफ से सवाल-जवाब किए। इसके बाद उनके कथित व्यवहार और टिप्पणियों को लेकर नर्सिंग स्टाफ में नाराजगी फैल गई और मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
मामला कुरुक्षेत्र के LNJP सिविल अस्पताल से जुड़ा है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध का मामला सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी एक डॉक्टर था, जिसे मामले में गिरफ्तार किया गया। घटना की जानकारी लेने के लिए रेनू भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान रेनू भाटिया ने अस्पताल के अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ से घटना को लेकर सवाल किए। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि नाबालिग के साथ कथित घटना के दौरान अस्पताल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी।
रिपोर्टों के अनुसार, भाटिया ने ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
अस्पताल में हुई बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गर्म हो गया। नर्सिंग संगठनों ने आरोप लगाया कि भाटिया की टिप्पणियों से नर्सिंग समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा और कर्मचारियों का सार्वजनिक रूप से अपमान हुआ।
इसके विरोध में कुरुक्षेत्र के नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर प्रदर्शन किया। बाद में हरियाणा के दूसरे हिस्सों में भी नर्सिंग कर्मचारियों ने सांकेतिक विरोध किया और रेनू भाटिया से माफी मांगने की मांग उठाई।
विरोध कर रहे नर्सिंग कर्मचारियों का कहना था कि घटना के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, लेकिन पूरे नर्सिंग स्टाफ पर सवाल उठाना उचित नहीं है। नर्सिंग संगठनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर रेनू भाटिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
वहीं रेनू भाटिया ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य नाबालिग पीड़िता के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय करना था।
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इस पूरे विवाद के बीच रेनू भाटिया ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपा। आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपने इस्तीफे में आयोग के अध्यक्ष के रूप में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाने का उल्लेख किया।
मीडिया रिपोर्टों में उनके इस्तीफे के पीछे अलग-अलग कारण बताए गए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनके इस्तीफे के पत्र में व्यक्तिगत कारणों और पूर्व कार्यकाल का उल्लेख सामने आया है।
कुरुक्षेत्र का यह मामला अस्पतालों में नाबालिग मरीजों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही इस घटना के बाद सामने आया विवाद यह भी बताता है कि संवेदनशील मामलों की जांच और अस्पताल कर्मचारियों से संवाद के दौरान प्रशासनिक स्तर पर संतुलन कितना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में “राज्य सरकार ने आरोपी डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दीं” वाले वायरल दावे की पुष्टि नहीं होती। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित नहीं है।
Location : Haryana
Published : 2 August 2026, 12:47 PM IST
Topics : Haryana News Kurukshetra News Renu Bhatia