Parvinder Jhotta Death: 25 दिन बाद PGI में हुआ पोस्टमॉर्टम, दिवाली पर होगा अंतिम संस्कार, पिता ने SSP के खिलाफ खोला मोर्चा

मानसा के नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा का PGI चंडीगढ़ में पोस्टमॉर्टम हो गया। दिवाली पर अंतिम संस्कार होगा। पिता भीम सिंह ने SSP वैभव चौधरी के तबादले की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 November 2026, 4:06 PM IST

Chandigarh: परविंदर झोटा हत्याकांड से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आज यानी शनिवार को परविंदर झोटा का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। लेकिन उनका अंतिम संस्कार रविवार को यानी दिवाली के दिन किया जाएगा। हालांकि अनुमान ऐसा लगाया जा रहा था कि आज के दिन ही उनका अंतिम संस्कार होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं आज सिर्फ पोस्टमार्टम पूरा हुआ है।

पोस्टमार्टम के बाद एक्शन कमेटी ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर आज शाम 5:00 बजे PGI चंडीगढ़ से लाया जाएगा। शव को पहले उनके घर ले जाया जाएगा और फिर उसके बाद शव को उस जगह ले जाया जाएगा जहां अभी विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

कल इस समय होगा संस्कार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार कल दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे के बीच चकेरिया रोड पर स्थित उनकी पैतृक भूमि पर किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। इसके अलावा अंतिम संस्कार की तैयारी भी पूरी हो चुकी है।

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परिवार वालों का बयान

इस बीच झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने उन लोगों को कड़ा जवाब दिया है जो उन्हें इस बात को लेकर ट्रोल कर रहे थे कि उन्हें सरकारी नौकरी और 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। ट्रोल करने वालों को चुनौती देते हुए मनप्रीत कौर ने कहा, "12-बोर की बंदूक लाओ, मानसा आओ और हमारे पूरे परिवार को गोली मार दो।"

पंजाब पुलिस अलर्ट (Img- X)

वहीं झोटा के पिता भीम सिंह ने मांग की है कि पंजाब सरकार उनके बेटे के अंतिम संस्कार से पहले मानसा के SSP वैभव चौधरी का तबादला करे। उनका आरोप है कि SSP नशे की समस्या को रोकने में नाकाम रहे, जिसकी वजह से आखिरकार झोटा की हत्या हो गई।

भीम सिंह ने कहा कि जब तक SSP का तबादला नहीं हो जाता, तब तक वे अन्न का एक दाना भी नहीं खाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री गुरमीत खुडियां और स्पीकर कुलतार संधवां के साथ हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में आई मुश्किलें

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि परविंदर सिंह झोटा के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया काफी मुश्किल रही, क्योंकि उनका शव 25 दिनों तक -20°C तापमान पर रखा गया था। जिसकी वजह से उनके शरीर के ऊतक जम गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि शरीर को बहुत अधिक ठंड मिल चुकी थी।

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PGI में पोस्टमार्टम से पहले फोरेंसिक विशेषज्ञों को अपने ब्लेड का इस्तेमाल करने में भी काफी दिक्कत आई, क्योंकि वे जमे हुए ऊतकों को काट नहीं पा रहे थे। साथ ही, इस बात का भी खतरा था कि ब्लेड फिसल सकते हैं, जिससे विशेषज्ञों को खुद चोट लग सकती थी। इसके अलावा, आंतरिक अंगों की जांच करना भी एक बड़ी चुनौती साबित हुई।

Location :  Chandigarh

Published :  7 November 2026, 4:06 PM IST