
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Panipat: गाजियाबाद में स्कूटी की टक्कर से 42 वर्षीय गुड्डी देवी के पैर की हड्डी टूट गई थी। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन 24 जुलाई को उन्हें पानीपत के जीटी रोड स्थित पार्क हॉस्पिटल ले गए।
परिजनों को उम्मीद थी कि डॉक्टर पैर की हड्डी का ऑपरेशन करेंगे, लेकिन अस्पताल के भीतर एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। आरोप है कि शनिवार को डॉक्टरों ने परिजनों को बिना कोई जानकारी दिए महिला के दिल की नसों में स्टेंट डाल दिए और फिर आईसीयू में भर्ती करा दिया, जहां उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृतका के पति भगवानदीन और बेटे का कहना है कि वे दोनों अनपढ़ हैं और सिर्फ अंगूठा लगाते हैं। जब डॉक्टरों ने कागजों पर दस्तखत मांगे, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही सहमति पत्र पर अंग्रेजी में फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
मृतका के बेटे कुलदीप ने सीधा आरोप लगाया है कि मां के आयुष्मान कार्ड से ज्यादा पैसे ऐंठने के चक्कर में अस्पताल ने गैर-जरूरी स्टेंट डालकर उनकी जान जोखिम में डाली।
दूसरी ओर, पार्क अस्पताल की सीईओ सपना का कहना है कि पैर के ऑपरेशन से पहले फिटनेस जांच में दो नसें ब्लॉक पाई गई थीं, जिसके बाद परिजनों की सहमति से ही स्टेंट डाले गए थे और मौत की वजह हृदयगति रुकना है।
हालांकि, परिजनों की तहरीर पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही से मौत, धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की जांच जारी है।
Location : Panipat
Published : 27 July 2026, 10:36 AM IST