Hydrogen Train: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज से दौड़ेगी, जानिए कैसे बिना डीजल-बिजली के चलेगी और क्यों है खास?

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर शुरू होने जा रही है। जानिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक कैसे काम करती है, इसकी रफ्तार, सुविधाएं और पर्यावरण को होने वाले फायदे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 July 2026, 10:48 AM IST

Chandigarh: भारतीय रेलवे आज एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके संचालन की शुरुआत करेंगे। यह ट्रेन डीजल या बाहरी बिजली के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी और प्रदूषण के नाम पर केवल पानी की भाप छोड़ेगी। रेलवे का दावा है कि यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी।

कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन?

हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष टैंकों में हाइड्रोजन गैस भरी जाती है। यह गैस फ्यूल सेल में हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करती है, जिससे बिजली पैदा होती है। यही बिजली ट्रेन के मोटर को चलाती है। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड या धुआं नहीं निकलता, बल्कि केवल पानी की भाप और थोड़ी गर्मी निकलती है। यही वजह है कि इसे जीरो एमिशन ट्रेन कहा जाता है।

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90 किलोमीटर का सफर

10 कोच वाली यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा में लगभग दो घंटे का समय लगेगा और ट्रेन रास्ते में 11 स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें लगभग 2,600 यात्रियों के सफर की व्यवस्था होगी। सामान्य संचालन के दौरान इसकी गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

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आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार इस ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, डीसी एयर कंडीशनिंग, आरामदायक सीटें और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली दी गई है। हाइड्रोजन गैस को सुरक्षित रखने के लिए हाई-प्रेशर स्टोरेज सिस्टम और विशेष रिफ्यूलिंग स्टेशन भी तैयार किए गए हैं।

भारत ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे

हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां इस अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे ने जून 2026 में इस ट्रेन का 120 km/h की रफ्तार से सफल ट्रायल भी पूरा किया था।

Location :  Chandigarh

Published :  17 July 2026, 10:48 AM IST