बंगाल में 70 हजार आदिवासी परिवारों को हर हफ्ते मिलेगा चावल-दाल और तेल, शुभेंदु सरकार के इस फैसले में क्या है खास?

पश्चिम बंगाल में आदिवासी परिवारों के लिए शुभेंदु अधिकारी सरकार ने नई पोषण सहायता योजना शुरू की है। इसके तहत हजारों पात्र परिवारों को हर सप्ताह चावल, दाल, तेल और सोयाबीन देने की योजना है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 October 2026, 5:51 PM IST
google-preferred

Kolkata: पश्चिम बंगाल में आदिवासी परिवारों को पोषण संबंधी मदद देने के लिए राज्य सरकार ने नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आदिवासी बहुल झाड़ग्राम जिले के कालाझरिया गांव में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विशेष पोषण सहायता योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पात्र आदिवासी परिवारों को हर सप्ताह चावल, दाल, खाद्य तेल और सोयाबीन उपलब्ध कराने की योजना है।

सरकार के मुताबिक, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के करीब 70 हजार परिवारों को इस पहल का लाभ मिलेगा। इसके अलावा पुरुलिया और अलीपुरद्वार जिलों के पात्र जनजातीय परिवारों को भी योजना के दायरे में लाने की बात कही गई है।

राशन के अलावा मिलेगी अतिरिक्त मदद

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना प्रधानमंत्री अन्न सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले राशन से अलग होगी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर आदिवासी जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाना है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उन्हें जरूरी खाद्य सामग्री की कमी का सामना न करना पड़े।

ये भी पढ़ें- सुवेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बोले- फ्लोर टेस्ट हुआ तो BJP को मिलेंगे 275 वोट! TMC ने उठाए सवाल

राज्य सरकार ने इस योजना की घोषणा अपने बजट में की थी। लाभार्थियों की सही पहचान करने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। हालांकि, परिवारों को मिलने वाली खाद्य सामग्री की सटीक मात्रा और वितरण की पूरी समय-सारिणी के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

बुजुर्गों की पेंशन और विद्यार्थियों को भी राहत

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय के बुजुर्गों और विद्यार्थियों के लिए भी कई घोषणाएं कीं। उनके अनुसार, अनुसूचित जनजाति के बुजुर्गों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है। वहीं, झाड़ग्राम के दो लाख विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति छात्रवृत्ति के तहत 800 रुपये देने की बात कही गई। सरकार का कहना है कि इन कदमों से आदिवासी समुदाय के परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी और बच्चों की पढ़ाई को प्रोत्साहन मिलेगा।

दो जिलों में बनेंगे आदिवासी विश्वविद्यालय

आदिवासी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर देने के लिए बांकुड़ा और झाड़ग्राम में आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना भी बताई गई। इसके साथ ही झाड़ग्राम जिले के विकास के लिए 342 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को अगले छह महीने में जिले के समग्र विकास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। इससे स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को गति देने पर जोर रहेगा।

ये भी पढ़ें- रामायण रिलीज से पहले CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान! बंगाल में टैक्स-फ्री हुई रणबीर कपूर की फिल्म

पिछली सरकार पर भी साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर केंद्र की कई योजनाओं को लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के पश्चिमी क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर भी पूर्व सरकार की आलोचना की।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जल्द 'आदिवासी महिला समृद्धि योजना' शुरू करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का आश्वासन दिया। जॉब कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को नए कार्ड जारी करने की भी बात कही।

Location :  Kolkata

Published :  23 October 2026, 5:51 PM IST

Related News

Advertisement