‘एक देश-एक चुनाव’ पर जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी का बड़ा दावा, 2029 में एक साथ होंगे चुनाव!

जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि साल 2029 में देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष के संघीय ढांचे वाले आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और महिला आरक्षण व परिसीमन बिल पर भी जरूरी बहुमत के साथ आने की बात कही।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 15 July 2026, 3:59 PM IST

Lucknow: देश में 'एक देश-एक चुनाव' की दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ते दिख रहे हैं। इस संबंध में गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद पीपी चौधरी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि साल 2029 में पूरे देश में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ आयोजित कराए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए देश के मौजूदा कानूनों में भी जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं।

इतिहास का दिया हवाला

जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी ने इस व्यवस्था को देश के लिए व्यावहारिक बताते हुए इतिहास का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में साल 1952 से लेकर 1967 तक लगातार चार बार लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ ही संपन्न कराए गए थे। चौधरी ने कहा कि उस दौर में जब हमारे पास आज जैसा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) भी मौजूद नहीं था, तब भी यह संभव हो सका था। आज के समय में देश तकनीकी और संसाधनों के मामले में काफी आगे निकल चुका है और हमारे पास चुनाव संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम (EVM) भी उपलब्ध हैं। ऐसे में अब इसे दोबारा लागू करने में कोई बड़ी बाधा नहीं है।

यह भी पढ़ें-मानसून का ‘महा-अलर्ट’: 60 घंटे में 22 राज्यों पर मंडराया आफत का साया, तूफान-बाढ़ और आकाशीय बिजली की एक साथ चेतावनी

विपक्ष के 'संघीय ढांचे' वाले आरोप पर पलटवार

विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे इस सवाल पर कि 'एक चुनाव की अवधारणा देश के संघीय ढांचे के खिलाफ है', जेपीसी अध्यक्ष ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव की समय-सारिणी एक कर देने से संघीय ढांचे की भावना को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है। 50 और 60 के दशक में एक साथ हुए चुनावों का इतिहास खुद इस बात का सबसे बड़ा सबूत है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें संसाधनों की कमी की बात कही जा रही थी। चौधरी ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने के लिए देश के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

यह भी पढे़ं-पद बदला पर नहीं बदला लोगों का प्यार, मिर्जापुर में क्यों आज भी गूंजता है इस महिला IAS का नाम?

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर कही यह बात

जब पीपी चौधरी से यह सवाल पूछा गया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा बिल पहले लोकसभा में गिर चुका है, तो उन्होंने इस पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि इस बार सरकार पूरे होमवर्क के साथ और जरूरी बहुमत जुटाते हुए इस बिल को संसद में लेकर आएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार बिल को लेकर पहले जैसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होगी और इसे सफलतापूर्वक पारित करा लिया जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  15 July 2026, 3:07 PM IST