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सीट बंटवारे की बातचीत
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीट बंटवारे की बातचीत अगले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। कांग्रेस ने स्वीकार किया है कि दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर चर्चा में देरी हुई है। पार्टी को उम्मीद है कि नवंबर के मध्य तक सीट बंटवारे पर सहमति बन सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस का जोर ऐसी सीटों पर है, जहां पार्टी की जीत की संभावना मजबूत हो। इसके साथ ही भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि शुरुआती तौर पर 150 सीटों की मांग के बावजूद, अगर उसे जीतने की संभावना वाली सीटें मिलती हैं तो 80 से 90 सीटों पर समझौता हो सकता है। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत अगले कुछ दिनों में शुरू होगी। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक समिति बनाई जा रही है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा के खिलाफ गठबंधन को मजबूत करना है, लेकिन पार्टी सम्मानजनक समझौता चाहती है। गठबंधन के प्रयासों के बीच कांग्रेस को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। राहुल गांधी की लोकप्रियता देशभर में बढ़ी है और पार्टी गठबंधन में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर है।
सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और सपा के बीच खींचतान की चर्चा रही है। कांग्रेस की ओर से पहले 403 विधानसभा सीटों में से करीब 150 सीटों की मांग की बात सामने आई थी। वहीं, सपा के कुछ नेताओं का मानना रहा है कि कांग्रेस को 50 से अधिक सीटें नहीं मिलनी चाहिए।
अब कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पार्टी 80 से 90 सीटों पर सहमत हो सकती है। हालांकि, इसके लिए कांग्रेस ऐसी सीटें चाहती है जहां उसका मजबूत जनाधार और जीतने की संभावना हो। पार्टी उन सीटों को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है, जिन्हें सपा अपने लिए कमजोर मानकर छोड़ना चाहती है। अंतिम संख्या पर फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन पिछले कुछ चुनावों से कमजोर रहा है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 28 सीटें जीती थीं। 2017 में कांग्रेस ने 403 में से 105 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे केवल सात सीटों पर जीत मिली। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सिर्फ दो सीटें जीत सकी।
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और छह सीटें जीतीं। दूसरी ओर, सपा ने 63 सीटों पर चुनाव लड़कर 37 सीटों पर जीत हासिल की।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के सामने लोकसभा चुनाव के गठबंधन के अनुभव को विधानसभा स्तर पर आगे बढ़ाने की चुनौती है। सीट बंटवारे की बातचीत में जीत की संभावना, क्षेत्रीय जनाधार और गठबंधन में दोनों दलों की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 19 October 2026, 6:01 PM IST