
डीके शिवकुमार (Img: Google)
New Delhi : तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान अब दूसरे राज्यों तक पहुंच गई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के उस कथित फैसले की आलोचना की। जिसमें अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) को सरकार बनाने और विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है।
बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में मीडिया से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि अगर किसी पार्टी के पास बहुमत है तो राज्यपाल के पास उसे सरकार बनाने के दावे से रोकने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे जरूरी चीज जनादेश का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल का यह रवैया उचित नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, अगर किसी दल के पास संख्या बल है तो उसे सदन में बहुमत साबित करने का अवसर जरूर मिलना चाहिए।
डीके शिवकुमार ने अपने बयान के दौरान देश और राज्यों की कई पुरानी राजनीतिक घटनाओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि पहले भी राज्यपालों और राष्ट्रपतियों ने सबसे बड़ी पार्टियों को सरकार बनाने का मौका दिया है और बाद में सदन में बहुमत साबित करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को भी सरकार बनाने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन और एपीजे अब्दुल कलाम के कार्यकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी संवैधानिक परंपराओं का पालन किया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री टल बिहारी वाजपेयी को भी सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का मौका दिया गया था।
डीके शिवकुमार ने कहा कि लोकतंत्र में एक वोट भी बहुमत और अल्पमत तय कर सकता है। अगर TVK बहुमत साबित करने में विफल रहती है। उसके बाद अगले विकल्प पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता ने जो जनादेश दिया है। उसका सम्मान होना चाहिए और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए।
Location : New Delhi
Published : 8 May 2026, 4:12 AM IST