
अखिलेश यादव की चेतावनी से गरमाई सियासत (Img: Dynamite News)
Lucknow News: दिल्ली में एसआईआर (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सियासी माहौल गरमा गया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आंदोलन के समर्थन में ऐसा संदेश दिया है, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। उधर, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'किसी के रोके नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा!' सपा प्रमुख ने जंतर-मंतर को केवल प्रदर्शन स्थल नहीं, बल्कि जागरूकता और नई चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार यह सोचती है कि ताकत के दम पर लोगों की आवाज दबाई जा सकती है, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी।
अखिलेश ने कहा कि अगर आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश हुई, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जंतर-मंतर जैसे विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।
किसीके रोके नहीं रुकेगा
अब दिल्ली में देश जुटेगा!हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं। भाजपा सरकार अगर समझ रही है कि वो ताक़त के बल पर जनता को रोक लेगी तो ये उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। ‘जंतर-मंतर’ अब एक जगह का नाम नहीं, एक नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। अगर सरकार ने आंदोलनकारियों को रोका तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा।
माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख़्तरबंद
पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमख़म
यहाँ हौसलों की भी तैयारी है चाकचौबंद
हैं साथ सब, मानकर इसको अंतिम जंग— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 10, 2026
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। किसी भी तरह की भीड़ या यातायात संबंधी परेशानी से निपटने के लिए पुलिस सतर्क है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, चुनाव आयुक्तों को कानूनी प्रतिरक्षा देने वाले 2023 के कानून को रद्द करने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग शामिल है। गठबंधन ने कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग रखी है।
इसके अलावा, विपक्ष ने चुनावों में पेपर बैलेट व्यवस्था दोबारा लागू करने और पिछले दो वर्षों में हुए कुछ विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई है। इन मांगों के पीछे विपक्ष ने कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं का हवाला दिया है।
Location : Lucknow
Published : 10 October 2026, 8:47 AM IST