
New Delhi: बिहार की राजनीति में एक नए समीकरण की आहट सुनाई दे रही है। भाजपा से अलग होने के बाद आरके सिंह (RK Singh)अब अपनी नई पार्टी के जरिए सियासी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। बेबाक बयानों और बड़े नेताओं पर सीधे हमलों के बीच उनका यह इंटरव्यू कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। पूरा इंटरव्यू देखिये डाइनामाइट न्यूज़ पर।
पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके आरके सिंह भारत के गृह सचिव पद तक पहुंचे और फिर सक्रिय राजनीति में आए। भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर उन्होंने मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया। अब वे ऐसी राजनीतिक पार्टी बनाना चाहते हैं जिसमें ईमानदार, पढ़े-लिखे और जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर काम करने वाले लोगों को जगह मिले। आरके सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश (Manoj Tibdewal Akash) के इंटरव्यू शो ‘The Candid Talk’ में कहा कि उनकी नई पार्टी का फोकस खासतौर पर बिहार की राजनीति पर रहेगा।
आरके सिंह ने 2014 में रिटायरमेंट के बाद भाजपा ज्वाइन की थी। पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। डाइनामाइट न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बेबाकी से अपनी बात रखने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया। भाजपा ने मुझे इसलिए निलंबित किया क्योंकि मैं खुलकर बोलता था लेकिन यह पहली बार नहीं था। सांसद रहते हुए भी मैं अपनी बात रखता था।
आरके सिंह ने नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि उनके स्पष्ट बोलने के बावजूद उन्हें सात साल तक ऊर्जा मंत्री बनाए रखा गया, जो अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय में पीएमओ का कोई अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं था और उन्हें काम करने की पूरी स्वतंत्रता मिली। साथ ही, उन्होंने भाजपा द्वारा की गई कार्रवाई को ज्यादा महत्व देने से इनकार करते हुए कहा कि वे इसे सजा नहीं मानते।
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का पहला कार्यकाल ठीक रहा लेकिन दूसरे कार्यकाल में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। उन्होंने इसे शासन की बड़ी विफलता बताया।
आरके सिंह ने बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी की पहले से अच्छी छवि नहीं है। जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है। जिसका चरित्र मजबूत नहीं है और जो कम पढ़ा-लिखा है। वह प्रभावी नेतृत्व कैसे दे पाएगा?
New Delhi: बिहार की राजनीति में एक नए समीकरण की आहट सुनाई दे रही है। भाजपा से अलग होने के बाद आरके सिंह (RK Singh)अब अपनी नई पार्टी के जरिए सियासी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। बेबाक बयानों और बड़े नेताओं पर सीधे हमलों के बीच उनका यह इंटरव्यू कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। पूरा इंटरव्यू देखिये डाइनामाइट न्यूज़ पर।
पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके आरके सिंह भारत के गृह सचिव पद तक पहुंचे और फिर सक्रिय राजनीति में आए। भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर उन्होंने मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया। अब वे ऐसी राजनीतिक पार्टी बनाना चाहते हैं जिसमें ईमानदार, पढ़े-लिखे और जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर काम करने वाले लोगों को जगह मिले। आरके सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश (Manoj Tibdewal Akash) के इंटरव्यू शो ‘The Candid Talk’ में कहा कि उनकी नई पार्टी का फोकस खासतौर पर बिहार की राजनीति पर रहेगा।
आरके सिंह ने 2014 में रिटायरमेंट के बाद भाजपा ज्वाइन की थी। पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। डाइनामाइट न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बेबाकी से अपनी बात रखने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया। भाजपा ने मुझे इसलिए निलंबित किया क्योंकि मैं खुलकर बोलता था लेकिन यह पहली बार नहीं था। सांसद रहते हुए भी मैं अपनी बात रखता था।
आरके सिंह ने नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि उनके स्पष्ट बोलने के बावजूद उन्हें सात साल तक ऊर्जा मंत्री बनाए रखा गया, जो अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय में पीएमओ का कोई अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं था और उन्हें काम करने की पूरी स्वतंत्रता मिली। साथ ही, उन्होंने भाजपा द्वारा की गई कार्रवाई को ज्यादा महत्व देने से इनकार करते हुए कहा कि वे इसे सजा नहीं मानते।
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का पहला कार्यकाल ठीक रहा लेकिन दूसरे कार्यकाल में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। उन्होंने इसे शासन की बड़ी विफलता बताया।
आरके सिंह ने बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी की पहले से अच्छी छवि नहीं है। जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है। जिसका चरित्र मजबूत नहीं है और जो कम पढ़ा-लिखा है। वह प्रभावी नेतृत्व कैसे दे पाएगा?
Location : New Delhi
Published : 18 April 2026, 9:19 PM IST