पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके भारत पर पड़ रहे असर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग की खबरों के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नरेंद्र मोदी ( Img: Google)
New Delhi: वैश्विक तनाव के बीच देश की सियासत भी तेजी से करवट लेती नजर आ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर अब भारत के अंदरूनी हालात पर दिखने लगा है। इसी बीच नरेंद्र मोदी ने एक अहम कदम उठाते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक बुला ली है। जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग और संभावित आर्थिक दबाव के बीच बैठक आने वाले दिनों की रणनीति तय कर सकती है। जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात पर विस्तार से चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते टकराव का असर भारत के व्यापार, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार कोई भी ढील देने के मूड में नहीं दिख रही है।
देश के कई राज्यों से लगातार जरूरी सामानों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग की खबरें सामने आ रही हैं। इसको लेकर केंद्र सरकार पहले ही अलर्ट मोड में है। माना जा रहा है कि बैठक में राज्यों को सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जानकारी के अनुसार, जिन राज्यों में इस समय आचार संहिता लागू है। वहां के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। चुनाव आयोग के नियमों का पालन करते हुए उन्हें प्रक्रिया से दूर रखा गया है, हालांकि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री इस चर्चा में अपनी भूमिका निभाएंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में मौजूदा हालात पर बयान दे चुके हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक के जरिए विपक्षी दलों को भी स्थिति से अवगत कराया है। सरकार लगातार इस मुद्दे पर सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रही है।