
नंदन नीलेकणी की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्स (Img: Dynamite News)
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए परीक्षा सुधारों को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं और संसद में भी कड़े प्रावधानों के साथ नया कानून लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाना जरूरी है।
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर छात्रों और अभिभावकों का पूरा भरोसा हो। इसके लिए पारदर्शिता, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में बनने वाली हाई पावर टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर विस्तार से काम करेगी। यह टीम मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और सुधारों को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
नंदन मोहनराव नीलेकणी देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उन्हें इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारत के आधार प्रोजेक्ट से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल किया जाता है। उनका जन्म 2 जून 1955 को कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
साल 1981 में नंदन नीलेकणी ने एनआर नारायण मूर्ति और अन्य साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आगे चलकर इंफोसिस भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल हुई। वह साल 2002 से 2007 तक इंफोसिस के सीईओ और एमडी भी रहे। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने कंपनी के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाली।
साल 2009 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणी को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का पहला चेयरमैन नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में आधार परियोजना की शुरुआत हुई, जिसके तहत देश के नागरिकों को 12 अंकों की पहचान संख्या देने की व्यवस्था शुरू की गई। आज आधार को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणालियों में से एक माना जाता है।
नंदन नीलेकणी ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर बेंगलुरु दक्षिण सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें भाजपा उम्मीदवार अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली और मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, डिजिटल सिस्टम और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कामों पर ध्यान केंद्रित किया।
Location : New Delhi
Published : 26 July 2026, 7:49 PM IST