
NTA अधिकारियों संग बैठक के बाद शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा एक्शन (Img: शिक्षा मंत्रालय)
New Delhi: रांची समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और बरोजगार युवकों का प्रदर्शन जारी है। नीट समेत तमाम परीक्षाओं के पेपर लीक के बाद सरकार सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान, बैठक में उच्च शिक्षा सचिव भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने NTA के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया और एनटीए के 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने NTA के DG और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में एनटीए ने शिक्षा मंत्री को पेपर लीक समेत परीक्षाओं से जुड़ी हाल की समस्याओं के मद्देनजर की गई नई पहल की जानकारी दी। साथ ही पूरे सिस्टम में नए सुधारों से संबंधित जानकारी भी प्रह्लाद जोशी को दी गई। इसके साथ ही NTA में दस नए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
UGC NET जून 2026 की परीक्षा में इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई थीं। उम्मीदवारों ने सवालों की पुनरावृत्ति, भाषा और तथ्य संबंधी गलतियों को लेकर शिकायतें की थीं। मामले की समीक्षा के बाद NTA ने इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है।
ये भी पढ़ें- दिल्ली में Gen-Z के बाद लखनऊ में Gen Alpha सड़क पर, यूपी से कई राज्यों तक फैली आवाज, सरकार परेशान! जानें कारण
इन तीनों विषयों के लिए री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को कराया जाएगा। प्रभावित अभ्यर्थियों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। बाकी 84 विषयों की परीक्षा पर इस फैसले का असर नहीं होगा।
प्रश्नपत्रों को लेकर उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद गठित समीक्षा प्रक्रिया में कई तरह की कमियां सामने आईं। रिपोर्टों के मुताबिक प्रश्नों में तथ्यात्मक गलतियों, टाइपिंग और भाषा संबंधी त्रुटियों के अलावा अनुवाद की समस्याएं भी पाई गईं। कुछ प्रश्नों के दोहराए जाने की बात भी सामने आई। इन गड़बड़ियों को देखते हुए NTA ने केवल कुछ सवाल हटाकर मामला खत्म करने के बजाय तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया। एजेंसी ने इसे उम्मीदवारों के साथ निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में जरूरी कदम बताया है।
सरकार की ओर से NTA के कामकाज को ज्यादा पेशेवर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत तकनीक, वित्त, साइबर सुरक्षा और टेस्ट सिक्योरिटी से जुड़े कई वरिष्ठ पदों पर नई नियुक्तियां की जा रही हैं।
इनमें Chief Technology Officer, Chief Finance Officer, Chief Information Security Officer और टेस्ट सिक्योरिटी से जुड़े वरिष्ठ पद शामिल हैं। इसके अलावा रिसर्च एंड डेवलपमेंट और साइकोमेट्रिक्स जैसे क्षेत्रों में भी विशेषज्ञों को जिम्मेदारी देने की योजना है।
NTA के सुधारों में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता लेने की योजना भी शामिल है। साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र डिजाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी विशेषज्ञों की मदद लेने पर जोर दिया जा रहा है। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में एक छोटी तकनीकी या प्रक्रियागत चूक भी लाखों उम्मीदवारों के भविष्य पर असर डाल सकती है।
ये भी पढ़ें- बड़ी खबर: दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद इब्राहिम का खास सहयोगी गिरफ्तार, यूपी ATS ने जैश के आतंकी को दबोचा
शिक्षा मंत्री की समीक्षा के बाद परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण में तय नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा से जुड़े गोपनीय कामकाज के तरीके में बदलाव, सेफ रूम को ज्यादा सुरक्षित बनाने और एयर-गैप्ड सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने के नियमों का भी कड़ाई से पालन कराने की बात कही गई है। मौजूदा व्यवस्था में कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुधारों को केवल निर्देशों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया का व्यापक ऑडिट कराने और उसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था भी की जा रही है। NTA को यह बताना होगा कि दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ और परीक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए गए। ऐसे में आने वाले दिनों में एजेंसी के कामकाज पर निगरानी और बढ़ सकती है।
Location : New Delhi
Published : 17 August 2026, 7:10 PM IST