
अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर तीखा हमला (Img: Dynamite News)
New Delhi: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया है। 'INDIA' गठबंधन के नेताओं और सांसदों के साथ चुनाव आयोग तक मार्च में शामिल होने के लिए 6 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचने पर यादव ने आरोप लगाया कि आयोग के कामकाज पर लगातार नजर रखी जा रही है और विपक्ष उसके फैसलों से नाखुश है।
BJP पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर पार्टी को अलग ऑफिस की जरूरत है, तो वह चुनाव आयोग की अपनी ही बिल्डिंग में एक फ्लोर ले सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है और उसके व्यवहार से लगता है कि वह BJP के पक्ष में काम कर रहा है।
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SP अध्यक्ष ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग इस सोच के साथ काम करता है कि सिर्फ़ BJP से जुड़े लोग ही भारतीय नागरिक हैं और उन्हें वोट देने का अधिकार है। ये आरोप अखिलेश यादव की राजनीतिक बयानबाज़ी का हिस्सा हैं, और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में चुनावों के दौरान कथित चुनावी गड़बड़ियों और बूथ से जुड़ी धांधली के लिए BJP को जिम्मेदार ठहराया। 'एक देश, एक चुनाव' (One Nation, One Election) के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इससे BJP को एक साथ बड़े पैमाने पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने का मौका मिल सकता है।
अखिलेश यादव के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब 'INDIA' गठबंधन के सांसद वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के विरोध में 6 अक्टूबर को संसद से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) तक मार्च कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियां SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रही हैं। दिल्ली में संसद, विजय चौक और निर्वाचन सदन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग और BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है।
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वोटर लिस्ट के SIR (स्पेशल समरी रिविजन) को लेकर सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं के बारे में चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को ठीक करने की प्रक्रिया कानून के अनुसार की जा रही है।
Location : New Delhi
Published : 6 October 2026, 11:54 AM IST