Mayawati On Reservation: बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर किसे दे डाली नसीहत? दिया ये बड़ा बयान

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकारों से आरक्षण विरोधी तत्वों को संरक्षण न देने और सस्ती राजनीति से बचने की अपील की। मायावती ने गरीबी उन्मूलन योजनाओं को प्रभावी बनाने और राहुल गांधी के रुख पर भी सवाल उठाए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 23 August 2026, 10:53 AM IST

New Delhi: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकारों और राजनीतिक दलों को कड़ी नसीहत दी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के विरोध में हाल में हुए प्रदर्शन और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर मायावती ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे समतामूलक समाज बनाने के संवैधानिक प्रयासों को नुकसान पहुंचे।

आरक्षण विरोधी तत्वों को संरक्षण न देने की अपील

मायावती ने सभी सरकारों से अपील की कि आरक्षण विरोधी तत्वों को किसी भी तरह का संरक्षण या शरण नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति से बचना चाहिए और इसे बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने कहा कि सदियों से जातिवाद और सामाजिक भेदभाव का सामना करने वाले एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए जातिवाद के खिलाफ देशभक्ति की भावना अपनाने की बात कही।

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर सवाल

मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकारों को इसके बजाय गरीबी दूर करने के लिए चल रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें गरीबी उन्मूलन की योजनाओं पर हर साल बड़ी रकम खर्च करती हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्था की कमियों के कारण योजनाओं का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता।

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गरीब सवर्ण परिवारों को लाभ नहीं मिलने का दावा

बसपा सुप्रीमो ने आर्थिक आधार पर लागू आरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसका अपेक्षित लाभ गरीब सवर्ण परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने इसे लेकर व्यवस्था में वास्तविक लाभ से ज्यादा छलावे की स्थिति होने का दावा किया।

जातीय भेदभाव पर सरकारों को घेरा

मायावती ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट और जातिवादी सरकारी व्यवस्था के कारण आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों को पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका। उनके मुताबिक, इसी वजह से एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोगों को आज भी गरीबी, जातीय द्वेष, शोषण, अत्याचार और भेदभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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राहुल गांधी के धरने का भी किया जिक्र

मायावती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पार्लियामेंट थाना के बाहर कई घंटे धरने पर बैठे थे।

मायावती के मुताबिक, उसी दौरान जंतर-मंतर पर जातीय आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी या कांग्रेस के किसी नेता ने वहां जाकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश नहीं की। मायावती ने इसे कांग्रेस की आरक्षण को लेकर कथित मानसिकता से जोड़ते हुए सवाल उठाया।

Location :  New Delhi

Published :  23 August 2026, 10:25 AM IST