
अंशुमान सिंह पार्टी से निष्कासित (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur News: जिस प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोट बचाओ’ का संदेश देने के लिए जुटी थी, वहीं पार्टी नेताओं के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से मारपीट और थप्पड़ मारने के आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी ने अंशुमान सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है। पार्टी की ओर से जारी कार्यालय-ज्ञाप में अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के कारण समाजवादी पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई है।
शनिवार को जारी बताए जा रहे इस पत्र में कार्यालय-ज्ञाप संख्या 568/2026 और तारीख 3 अक्टूबर 2026 दर्ज है। पत्र में अंशुमान सिंह, पूर्व चेयरमैन बांसगांव, निवासी पैडलेगंज, गोरखपुर को पार्टी से निष्कासित किए जाने की बात कही गई है। आदेश पर अरविन्द कुमार सिंह के हस्ताक्षर बताए गए हैं। पार्टी के इस फैसले के बाद गोरखपुर में सपा की स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
मामला शनिवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित सपा की प्रेस वार्ता से जुड़ा है। समाजवादी पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। इसी दौरान बैठने की जगह को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते कहासुनी और हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और अंशुमान सिंह से जुड़े लोगों के बीच हुआ। घटना के दौरान नगीना साहनी से हाथापाई किए जाने और थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया। मामले के दौरान प्रेस क्लब में मौजूद अन्य नेताओं और लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
प्रेस क्लब में हुए विवाद के बाद मामला सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। अब समाजवादी पार्टी की ओर से अंशुमान सिंह के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई है। पार्टी के जारी पत्र में कार्रवाई का आधार ‘अनुशासनहीनता’ बताया गया है। यानी पार्टी के आधिकारिक पत्र के मुताबिक निष्कासन का कारण अनुशासनहीनता है। वहीं, यह कार्रवाई उसी दिन सामने आई है, जिस दिन प्रेस क्लब में पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान विवाद हुआ। दोनों घटनाओं के समय-संबंध के चलते स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पार्टी की ओर से जारी बताए जा रहे कार्यालय-ज्ञाप में अंशुमान सिंह को ‘अनुशासनहीनता’ के कारण समाजवादी पार्टी से निष्कासित किए जाने की बात कही गई है। पत्र में उनका परिचय पूर्व चेयरमैन बांसगांव के रूप में दिया गया है। निष्कासन आदेश की प्रतिलिपि पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, गोरखपुर जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष, संबंधित अंशुमान सिंह तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निजी सचिव को भेजे जाने की बात भी कही गई है।
Location : Gorakhpur
Published : 3 October 2026, 6:32 PM IST