CBI से राजनीति तक एम. नागेश्वर राव का सफर, वाराणसी में बनाई ‘सर्वजन सनातन पार्टी’; खुद बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

पूर्व CBI निदेशक एम. नागेश्वर राव ने वाराणसी से सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और भारतीय सभ्यतागत पहचान को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल कर रही है। राव ने आधुनिक विकास के साथ भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की बात कही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 October 2026, 1:20 PM IST
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Varanasi: देश की प्रमुख जांच एजेंसी CBI के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारियों से निकलकर सक्रिय राजनीति का रास्ता चुन लिया है। काशी की धरती से उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान करते हुए सर्वजन सनातन पार्टी (SSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। करीब चार दशक तक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े रहने के बाद राव का कहना है कि अब वह अपने अनुभव का इस्तेमाल देश और समाज के व्यापक हित में करना चाहते हैं। वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पार्टी के विजन और राजनीतिक एजेंडे को सामने रखा।

प्रशासन के बाद अब राजनीति की पारी

एम. नागेश्वर राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने पुलिस, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई पदों पर काम किया। वह CBI के अंतरिम निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने का फैसला किया है। वाराणसी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी भूमिका की घोषणा करते हुए राव ने कहा कि राजनीति में उनका प्रवेश किसी पद को हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में एक नई जिम्मेदारी निभाने की कोशिश है।

शिक्षा और स्वास्थ्य को बनाया बड़ा मुद्दा

सर्वजन सनातन पार्टी ने अपने विजन में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और भारतीय सभ्यतागत पहचान को प्रमुख स्थान दिया है। राव ने बेहतर और मुफ्त शिक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि शिक्षा का मकसद सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और व्यवसाय के लिए जरूरी कौशल मिल सके। यानी शिक्षा और आजीविका को अलग-अलग देखने के बजाय दोनों को एक-दूसरे से जोड़ने की जरूरत है।

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‘सनातन’ को लेकर क्या बोले नागेश्वर राव?

पार्टी के नाम और विचारधारा को लेकर एम. नागेश्वर राव ने ‘सनातन’ को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने इसे सत्य, धर्म, कर्तव्य, न्याय, दया और जनकल्याण से जुड़ी जीवन-दृष्टि के तौर पर पेश किया। उनकी पार्टी का नारा ‘सत्य सनातन, नित्य नूतन’ है। राव का कहना है कि भारत को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और आर्थिक विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन इस दौरान अपनी सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा से संबंध नहीं टूटना चाहिए।

भारतीय पहचान और आधुनिक विकास पर जोर

राव ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसे भारतीय समाज और उसकी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से नए सिरे से देखने की आवश्यकता है। उनका तर्क है कि देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए जो भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक जरूरतों के बीच संतुलन बना सके। पार्टी का विजन आधुनिक तकनीक और विकास को भारतीय सभ्यतागत पहचान के साथ जोड़ने पर आधारित बताया गया है।

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यूपी की राजनीति में कितनी बड़ी भूमिका होगी?

एम. नागेश्वर राव ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत उत्तर प्रदेश से की है। उन्होंने पिछले कुछ समय में काशी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर जमीनी स्थिति को समझने की बात कही है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति अभी शुरुआती दौर में है। हालांकि ताजा रिपोर्ट में राव के हवाले से उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात सामने आई है।

प्रशासनिक पृष्ठभूमि के साथ सियासत में कदम

एम. नागेश्वर राव का राजनीतिक पदार्पण इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनका लगभग चार दशक लंबा करियर पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में रहा है। 1986 बैच के IPS अधिकारी के तौर पर उन्होंने कानून-व्यवस्था और प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर काम किया और बाद में CBI के अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली।

Location :  Varanasi

Published :  4 October 2026, 1:20 PM IST

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