
पूर्व मंत्री आजम खां (Source: Pinterest)
Lucknow: पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिवार से जुड़े जौहर ट्रस्ट की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है। ईडी ने इस सप्ताह ट्रस्ट के पदाधिकारियों को तलब किया है। इनमें कुछ ऐसे ट्रस्टी भी शामिल हैं, जिन्हें आयकर जांच के दौरान नाममात्र का ट्रस्टी बताया गया था। अब पूछताछ में ट्रस्ट के संचालन, चंदे और सरकारी धन से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
जांच में चौधरी शहरयार सलीम का बयान अहम माना जा रहा है। आयकर विभाग को दिए बयान में उन्होंने खुद को डमी ट्रस्टी बताया था। उनके अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन से जुड़ी एक बैठक में उनसे सिर्फ हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें वापस भेज दिया गया।
आयकर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट के नौ सदस्यों में पांच आजम खां के परिवार से जुड़े थे, जबकि कुछ अन्य सदस्यों को नाममात्र का बताया गया था। रिपोर्ट में ट्रस्ट के संचालन पर परिवार के नियंत्रण का भी उल्लेख किया गया है।
ईडी की जांच में सरकारी ठेकों से जुड़ी रकम के इस्तेमाल का मामला भी शामिल है। आरोप है कि जौहर एसोसिएट्स और सीके एसोसिएट्स को मिले सरकारी अनुबंधों से करीब 86 करोड़ रुपये की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी विभागों से जुड़े ठेकों की रकम का इस्तेमाल किस तरह हुआ और उसका जौहर ट्रस्ट या विश्वविद्यालय की संपत्तियों से क्या संबंध रहा। ईडी ने पहले भी सरकारी ठेकों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाले हैं।
जांच का एक अहम पहलू जौहर ट्रस्ट को मिले कथित दान से जुड़ा है। आयकर जांच में कुछ ऐसे दानदाताओं और संस्थाओं का उल्लेख सामने आया, जिनके अस्तित्व या उनसे प्राप्त दान को लेकर सवाल उठे थे।
अब ईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ट्रस्ट के खातों में दर्ज इन दान की रकम वास्तव में किस स्रोत से आई थी और संबंधित संस्थाओं या व्यक्तियों की ट्रस्ट से क्या भूमिका थी। आयकर विभाग की जांच में ट्रस्ट के आय-व्यय और बैंक जमा के आंकड़ों में अंतर का भी उल्लेख किया गया था।
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आजम खां के मंत्री रहने के दौरान जल निगम में जिन फर्मों को बड़े स्तर पर काम मिलने की जानकारी सामने आई है, उनकी भी जांच की जा रही है। ईडी ने राज्य सरकार से उस अवधि के टेंडर, भुगतान, अनुबंध और संबंधित अधिकारियों की जानकारी मांगी है।
ईडी यह भी जांच कर रही है कि इन फर्मों और जौहर ट्रस्ट के बीच किसी तरह का वित्तीय लेनदेन हुआ था या नहीं। हाल में जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति से भी ट्रस्ट के चंदे, निर्माण खर्च और ठेकेदारों से जुड़े लेनदेन पर करीब आठ घंटे पूछताछ की गई थी।
ईडी की पूछताछ में ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका, कथित दान, सरकारी ठेकों से जुड़ी रकम, विश्वविद्यालय निर्माण और आजम खां के परिवार की भूमिका से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, जांच अभी जारी है और सामने आए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
Location : Lucknow
Published : 28 September 2026, 12:39 PM IST